अहमदाबाद मंडल ने मानसून सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की, सुरक्षित रेल संचालन के लिए व्यापक रणनीति लागू
अहमदाबाद मंडल ने मानसून के दौरान सुरक्षित रेल संचालन के लिए व्यापक तैयारियों की समीक्षा की। यात्री सुरक्षा, जल निकासी और आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया।
तस्वीर में बाईं तरफ अहमदाबाद मंडल के रेल प्रबंधक वेद प्रकाश अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करते नजर आ रहे हैं, जबकि ऊपर दाईं तरफ वर्चुअल कॉन्फ्रेंस स्क्रीन और नीचे दाईं तरफ रेलवे ट्रैक के किनारे बनी ड्रेन दिख रही है।
पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल में मानसून के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा रेल परिचालन को सुरक्षित एवं सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अहमदाबाद श्री वेद प्रकाश की अध्यक्षता में मंडल कार्यालय में मानसून तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य (इन्फ्रास्ट्रक्चर) श्री अनिल कुमार खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों, मानसून प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों तथा मंडल के सभी सीनियर सेक्शन इंजीनियर्स (वर्क्स) ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। बैठक में मानसून के दौरान संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए की गई तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश ने कहा कि अहमदाबाद मंडल ने मानसून के दौरान सुरक्षित और निर्बाध रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। उन्होंने बताया कि मानसून से पहले ट्रैक, पुलों, ड्रेनों और कलवर्टों का निरीक्षण एवं सफाई कराई जाती है। राज्य सरकार के संबंधित विभागों के साथ संयुक्त सर्वे कर संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जाती है तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है। स्टेशनों और यार्डों में जलभराव रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। संभावित जोखिम वाले पुलों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाती है और आवश्यकता पड़ने पर कॉशन ऑर्डर जारी किए जाते हैं। इसके साथ ही स्टेशन शेड, छतों और विभिन्न उपकरणों की भी जांच की जाती है।
मानसून के दौरान सुरक्षित एवं निर्बाध रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए अहमदाबाद मंडल ने व्यापक स्तर पर कई विशेष तैयारियां की हैं। जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 132 किलोमीटर साइड ड्रेनों की सफाई की गई है तथा 190 स्थानों पर पेड़ों की कटाई एवं ट्रिमिंग का कार्य पूरा किया गया है। जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए आरयूबी (RUB) स्थलों पर 10 एवं 32 एचपी क्षमता के कुल 260 पंप लगाए गए हैं। ट्रैक एवं यार्ड में जल निकासी को बेहतर बनाए रखने के लिए 675 किलोमीटर क्षेत्र में फ्लैंज क्लीयरेंस का कार्य किया गया है तथा 37 सम्प (Sumps) स्थापित किए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए ध्रांगध्रा, गांधीधाम, मालिया और आदरज मोटी में बैलेस्ट और क्वारी डस्ट का पर्याप्त भंडारण किया गया है तथा विशेष आपातकालीन गैंग तैयार रखे गए हैं।
बाढ़ अथवा अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में रेल सेवाओं की शीघ्र बहाली के लिए आवश्यक सामग्री पहले से ही रणनीतिक स्थानों पर उपलब्ध कराई गई है। ध्रांगध्रा में 7 वैगन बैलेस्ट और 7 वैगन क्वारी डस्ट की व्यवस्था की गई है। गांधीधाम में 20 वैगन बैलेस्ट तथा 10 वैगन क्वारी डस्ट उपलब्ध रखी गई है। वहीं मालिया और आदरज मोटी में 10,000-10,000 घनमीटर बैलेस्ट का रिजर्व स्टॉक सुरक्षित रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
बैठक में मानसून तैयारियों के तहत जल निकासी व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जलभराव की स्थिति से बचने के लिए साइड ड्रेन, कैच वाटर ड्रेन, क्रॉस ड्रेन तथा स्टेशन यार्ड ड्रेनों की नियमित एवं व्यवस्थित सफाई सुनिश्चित की जाए। बताया गया कि यह व्यवस्था ट्रैक की स्थिरता बनाए रखने तथा सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। संवेदनशील स्थलों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी और गुणवत्तापूर्ण निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों को समय रहते मजबूत किया जा सके। साथ ही रेलवे यार्डों में सिग्नल फेल्योर जैसी परिस्थितियों से बचाव के लिए इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार, विद्युत तथा परिचालन सहित विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में रेलवे को प्रभावित करने वाले जलाशयों (Railway Affecting Tanks – RAT) की सतत निगरानी के लिए स्थानीय प्रशासन तथा ग्राम प्रधानों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखने का निर्णय लिया गया, जिससे संभावित जोखिमों की समय रहते जानकारी प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संवेदनशील स्थानों पर मानसून रिजर्व सामग्री तथा आपातकालीन बहाली उपकरण (Emergency Restoration Equipment) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अहमदाबाद मंडल ने दोहराया कि वह मानसून के दौरान यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षित रेल परिसंपत्तियों तथा निर्बाध रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।