नोहर में दूषित पेयजल से रोष: कांग्रेसी पार्षदों की जलदाय विभाग को चेतावनी
शहर में गंदे पानी की आपूर्ति और पाइपलाइन लीकेज से लोग परेशान हैं, समाधान न होने पर सोमवार से प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।
नोहर में कार्यालय के भीतर हाथ में पानी का गिलास लिए अधिकारियों से बातचीत करते लोग।
नोहर में बिगड़ती पेयजल व्यवस्था को लेकर कांग्रेसी पार्षदों का गुस्सा बुधवार, 7 अक्टूबर को फूट पड़ा। पार्षद ओमप्रकाश सुथार के नेतृत्व में पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल ने जलदाय विभाग के अधिशाषी अभियंता (XEN) साहिल कुमार से मुलाकात कर शहर की पेयजल व्यवस्था में सुधार की मांग रखी।
पार्षदों ने बताया कि शहर के कई वार्डों में पेयजल पाइपलाइनों में लीकेज की समस्या बनी हुई है। वहीं, कई क्षेत्रों में लोगों के घरों तक गंदा और बदबूदार पानी पहुंच रहा है। दूषित पानी की आपूर्ति से आमजन में रोष है और स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
पार्षदों ने कहा कि जलदाय विभाग को समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में पाइपलाइन लीकेज तत्काल ठीक करवाना चाहिए तथा स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से पेयजल लाइनों की जांच करवाकर दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। इसके अलावा पेयजल वितरण का समय भी सही करने की मांग रखी।
इस दौरान पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि रविवार तक पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सोमवार को जलदाय विभाग कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। पार्षदों ने कहा कि शहरवासियों को मूलभूत सुविधा के लिए आंदोलन करने को मजबूर नहीं होना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में पार्षद जितेन्द्र भाटी, रूपराम सैनी, महबूब आईतान, रवि पंडा, सत्तार, अंकित सहित अन्य पार्षद मौजूद रहे।
वहीं, XEN साहिल ने पार्षदों को आश्वासन दिया कि पेयजल समस्या के जल्द समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और प्रभावित क्षेत्रों में व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। दूषित पेयजल के संबंध में मिल रही शिकायतों की जांच भी करवाई जाएगी। अब रविवार तक समाधान की समयसीमा के बाद सोमवार को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन पर सभी की नजर रहेगी।