नोहर में संतों व विधायक ने किया बाड़ी वाली रामलीला का मंचन शुरू
सेठ ईसरदास थिरानी मैदान में वर्ष 1951 से निरंतर आयोजित हो रही रामलीला के पहले दिन 'नारद मोह' प्रसंग का भव्य मंचन किया गया।
नोहर, 6 अक्टूबर। सेठ ईसरदास थिरानी रामलीला मैदान में श्रीराम नवयुवक विजय नाट्य परिषद के तत्वावधान में बाड़ी वाली रामलीला का भव्य शुभारंभ हुआ। स्वामी श्री श्रीधरानंद सरस्वती महाराज, महंत पंचमनाथ और विधायक अमित चाचाण ने फीता खोलकर रामलीला का शुभारंभ किया। सात दशक से अधिक पुरानी इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा के पहले दिन ‘नारद मोह’ प्रसंग के प्रभावी मंचन ने दर्शकों को बांधे रखा।
शुभारंभ समारोह में राजकीय चिकित्सालय प्रभारी डॉ. हंसराज शर्मा, डॉ. चन्द्र सुथार, सेवानिवृत्त डीवाईएसपी सीताराम मिश्रा, संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष संजय मोदी, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष अभिषेक पारीक और एपेक्स क्लब अध्यक्ष अनुज खदरिया अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर स्वामी श्री श्रीधरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि रामलीला सनातन संस्कृति और संस्कारों की जीवंत परंपरा है। भगवान श्रीराम का चरित्र सत्य, मर्यादा, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। ऐसी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सबका दायित्व है।
विधायक अमित चाचाण ने कहा कि रामलीला भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों को समाज तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को धर्म, संस्कार, सत्य और मर्यादा का संदेश मिलता है। उन्होंने रामलीला की लंबे समय से चली आ रही परंपरा को बनाए रखने के लिए आयोजन समिति को साधुवाद दिया। विधायक ने कहा कि नोहर की बाड़ी वाली रामलीला शहर की गौरवशाली धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा है। वर्ष 1951 से निरंतर हो रहा रामलीला का मंचन अपने आप में महत्वपूर्ण है।
‘नारद मोह’ प्रसंग का मंचन
रामलीला के प्रथम दिवस ‘नारद मोह’ प्रसंग का मंचन हुआ। इसमें विष्णु के रूप में गोविन्द पारीक, लक्ष्मी का किरदार कपिल सोनी, इंद्रदेव के रूप में संदीप भोजक, नारद मुनि के रूप में प्रेम मित्रुका तथा कामदेव के रूप में रोहताश सैनी ने अभिनय किया। कलाकारों के मंचन ने प्रसंग को जीवंत रूप दिया और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी के संरक्षक पवन कंदोई, अध्यक्ष चौथमल पारीक, सचिव बालकृष्ण व्यास, कोषाध्यक्ष भुवनेश कन्दोई, हरदत्त सैनी, महिपाल सैनी, किशोरी लाल पारीक, किशन चाचाण, राजेश कंकर, पवन सांखी, रमेश जोशी, कमल पुरोहित, पवन व्यास, नरेश वर्मा, मुकेश बंसल सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। रामलीला कमेटी द्वारा अतिथियों को भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया।
1951 से निरंतर हो रहा मंचन
विदित रहे कि नोहर की बाड़ी वाली रामलीला का मंचन वर्ष 1951 से निरंतर किया जा रहा है। सात दशक से अधिक समय से चली आ रही यह परंपरा नोहर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। रामलीला देखने के लिए शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं दर्शक पहुंचते हैं। वर्ष 1951 से निरंतर मंचित हो रही यह रामलीला आज भी धार्मिक आस्था, संस्कार और सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए हुए है।