नोहर: बाड़ी वाली रामलीला के दूसरे दिन श्री राम जन्म और ताड़का वध का मंचन
श्रीराम नवयुवक विजय नाट्य परिषद के रंगमंच पर सजीव अभिनय देखने उमड़े दर्शक, पूर्व मदरसा बोर्ड अध्यक्ष मेहरूनिशा टाक ने की सराहना।
तस्वीर में पूर्व मदरसा बोर्ड अध्यक्ष मेहरूनिशा टाक को श्रीराम दरबार का चित्र भेंट करते आयोजक।
नोहर में शहर की करीब सात दशक पुरानी और प्रसिद्ध बाड़ी वाली रामलीला का मंचन श्रीराम नवयुवक विजय नाट्य परिषद के रंगमंच पर श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है। रामलीला के दूसरे दिन भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर ताड़का वध तक की कथा का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को रामायण के प्रसंगों से जोड़े रखा।
मंचन के दौरान जैसे ही भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग आया, पूरा वातावरण ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा। भगवान राम के जन्म की खुशी में अयोध्या में उत्सव का दृश्य कलाकारों ने जीवंत कर दिया। इसके बाद ऋषि-मुनियों को राक्षसों से होने वाली परेशानी और विश्वामित्र द्वारा राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया।
रामलीला में ताड़का वध का मंचन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। श्रीराम द्वारा ताड़का का वध करने के दृश्य को कलाकारों ने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। मंच पर हुए संवाद, अभिनय और युद्ध प्रसंग ने दर्शकों का ध्यान खींचा और उन्होंने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर पूर्व मदरसा बोर्ड अध्यक्ष मेहरूनिशा टाक ने आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं कलाकारों से मुलाकात की और इस ऐतिहासिक रामलीला के आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि रामलीला हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का कार्य करती है।
इस अवसर पर बसंत तिवाड़ी, विनोद गोल्याण, महिपाल सैनी, मुन्नालाल जोशी, पार्षद गंगाराम पारीक, रणजीत सिंह भाटी, हसन खान, सुरेन्द्र सहारण, जाफर आईतान, सुरेंद्र जोशी, रतनलाल रेगर, संतलाल रेगर, खालिद, देवीलाल पारीक, पवन कंदोई, भुवनेश कदोई, बालकृष्ण व्यास सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। कमेटी के अध्यक्ष चोथमल पारीक ने आभार व्यक्त किया।