हनुमानगढ़ जिले की रावतसर तहसील के नेहरावाली ढाणी स्थित गोस्वामी मावा भंडार पर मिश्रित दूध का नमूना अमानक पाए जाने के मामले में एक लाख रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है। न्याय निर्णयन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट उम्मेदी लाल मीना ने प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला सुनाया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 25 अक्टूबर, 2024 को गोस्वामी मावा भंडार का निरीक्षण किया था। इस दौरान बिक्री के लिए रखे मिश्रित दूध (मिक्स्ड मिल्क) का नमूना लिया गया। इसके बाद नमूने को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, बीकानेर भेजा गया, जहां जांच में दूध का नमूना अमानक पाया गया।

प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद संबंधित विक्रेता को नमूने की पुनः जांच करवाने का अवसर दिया गया था। हालांकि, निर्धारित अवधि के भीतर रेफरल फूड लैब से जांच करवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया।

मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्याय निर्णयन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट उम्मेदी लाल मीना ने प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 51 के तहत एक लाख रुपये की शास्ति अधिरोपित करने का आदेश दिया।

आदेश के अनुसार, जुर्माने की राशि निर्णय की तारीख से एक माह के भीतर न्याय निर्णयन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, हनुमानगढ़ के नाम डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करवानी होगी। राशि जमा कराने के बाद संबंधित पक्ष को रसीद प्राप्त करनी होगी। इस आदेश के साथ अमानक मिश्रित दूध के मामले में विक्रेता पर निर्धारित आर्थिक दंड की कार्रवाई पूरी करने के लिए समय-सीमा भी तय कर दी गई है।

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