भादरा में सिधमुख फीडर में जलापूर्ति सुचारू करने हेतु काजल हेड का निरीक्षण करते राजस्थान जल संसाधन विभाग के अधिकारी।

हनुमानगढ़, 22 अक्टूबर। भादरा क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी की कमी के बीच राजस्थान के जल संसाधन विभाग ने हरियाणा क्षेत्र में स्थित काजल हेड का निरीक्षण कर जल प्रवाह और गेज की स्थिति की जांच की। निरीक्षण के दौरान गेज में अनियमितता सामने आई, जिसे हरियाणा सिंचाई विभाग के अधिकारियों से समन्वय कर तत्काल ठीक करवाया गया। वहीं, निर्धारित मांग के मुकाबले कम पानी मिलने से राजस्थान के सिंचित क्षेत्र में जलापूर्ति प्रभावित होने का मामला भी सामने आया।

भादरा क्षेत्र के कॉन्टैक्ट नंबर-5 पर सिंचाई के लिए पानी की कम उपलब्धता को देखते हुए गुरुवार को जल संसाधन वृत्त नोहर के अधीक्षण अभियंता नीरंजन लाल मीना, जल संसाधन खंड भादरा के अधिशासी अभियंता तिलोक चंद टाक और सहायक अभियंता दिनेश सिंहमार ने हरियाणा क्षेत्र में स्थित काजल हेड का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने काजल हेड पर लगे गेज की जांच की, जिसमें अनियमितता पाई गई। इसके बाद हरियाणा सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता से तत्काल संपर्क कर गेज की अनियमितता को ठीक करवाया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने काजल हेड पर गेज रजिस्टर की भी जांच की। साथ ही, सिद्धमुख फीडर नहर के विभिन्न स्थलों पर पानी के प्रवाह की स्थिति का जायजा लिया। जांच में नहर के कुछ हिस्सों की स्थिति क्षतिग्रस्त मिली। इस संबंध में हरियाणा सिंचाई विभाग को अवगत करवाया गया।

जल संसाधन वृत्त नोहर के अधीक्षण अभियंता नीरंजन लाल मीना ने बताया कि वर्तमान में सिधमुख सिंचाई परियोजना का बी ग्रुप प्रभावी है। इसके लिए 350 क्यूसेक पानी की मांग यानी इंडेंट भेजा गया है, लेकिन हरियाणा सिंचाई विभाग से लगभग 230 क्यूसेक पानी ही प्राप्त हो रहा है। निर्धारित मांग की तुलना में कम पानी मिलने से राजस्थान के सिंचित क्षेत्र में जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। उन्होंने पानी की कम उपलब्धता पर असंतोष व्यक्त करते हुए निर्धारित मांग के अनुरूप पानी उपलब्ध करवाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

जल संसाधन खंड भादरा के अधिशासी अभियंता तिलोक चंद टाक ने बताया कि सिधमुख फीडर में कम पानी मिलने से सिंचाई की आवश्यकताओं की पूर्ति प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही पेयजल की आवश्यकता के लिए भी पर्याप्त जल भंडारण नहीं हो पा रहा है। विभागीय स्तर पर स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर जलापूर्ति में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।

नहरों से अवैध रूप से पानी लेने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विभाग ने गश्ती दल गठित किए हैं। विभागीय अभियंता सिधमुख फीडर और रासलाना वितरिका पर दिन-रात गश्त कर रहे हैं। नहर से अवैध रूप से पानी लेने वाले कृषकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज करवाए जाएंगे।

जल संसाधन विभाग की टीम ने स्पष्ट किया कि नहरों में पानी की उपलब्धता, गेज की स्थिति और जल प्रवाह की नियमित निगरानी जारी रहेगी। विभाग का प्रयास उपलब्ध पानी का उचित उपयोग सुनिश्चित करने, जलापूर्ति में सुधार लाने और क्षेत्र के किसानों को राहत पहुंचाने पर केंद्रित है।

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