उर्वरक वितरण: हनुमानगढ़ में छह उर्वरक विक्रेताओं को नोटिस जारी
कृषि विभाग ने रबी सीजन में औचक निरीक्षण कर उर्वरक स्टॉक और बिक्री अभिलेखों की जांच की, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
हनुमानगढ़ में कृषि विभाग की टीम द्वारा उर्वरक प्रतिष्ठान की जांच।
हनुमानगढ़ जिले में रबी सीजन 2026-27 के दौरान उर्वरक वितरण व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर कृषि विभाग ने सख्ती दिखाई है। बुधवार, 21 अक्टूबर को डबली राठान और पक्का सहारना में निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर छह उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) श्रीमती यशवंती के निर्देशन में कृषि विभाग की टीम ने दोनों स्थानों पर उर्वरकों के स्टॉक, बिक्री अभिलेखों और वितरण व्यवस्था की जांच की। निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं के आधार पर संबंधित छह विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए। उन्हें निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के अनुसार उर्वरकों की बिक्री करने तथा स्टॉक और बिक्री से संबंधित अभिलेखों का नियमानुसार संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) श्रीमती यशवंती ने बताया कि रबी सीजन के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर कृषि विभाग लगातार निगरानी रख रहा है। किसानों को निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्वरकों की बिक्री में अनियमितता, कालाबाजारी अथवा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उप निदेशक कृषि (आत्मा) डॉ. सुभाष चन्द्र डूडी, सहायक निदेशक कृषि (मुख्यालय) डॉ. संजीव भादू, उप परियोजना निदेशक (आत्मा) विनोद पोटलिया, सहायक कृषि अधिकारी विनोद कुमार तथा कृषि पर्यवेक्षक श्रीमती शैली चाहर एवं श्रीमती मनीता भाकर उपस्थित रहे।
कृषि विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य रबी सीजन में किसानों को निर्धारित दरों पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और स्टॉक, बिक्री तथा वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन पर संबंधित उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।