हनुमानगढ़ जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में अनियमितता के दो मामलों में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए नोहर के विरासत रेस्टोरेंट और हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित वीके नमकीन पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों प्रतिष्ठानों से लिए गए दही और रिफाइंड पामोलीन तेल के नमूने प्रयोगशाला जांच में अमानक पाए गए थे। न्यायनिर्णयन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट उम्मेदी लाल मीना ने उपलब्ध दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों मामलों में शास्ति अधिरोपित करने के आदेश दिए हैं।

पहले मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 24 मार्च, 2024 को नोहर स्थित विरासत रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया था। इस दौरान बिक्री के लिए रखे दही का नमूना लेकर जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, बीकानेर भेजा गया। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में दही अमानक पाया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित विक्रेता को नमूने की पुनः जांच करवाने का अवसर भी दिया था, लेकिन निर्धारित अवधि में रेफरल खाद्य प्रयोगशाला से जांच करवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान रेस्टोरेंट संचालक की ओर से नमूना लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए और कार्रवाई निरस्त करने की मांग की गई। हालांकि, न्यायनिर्णयन अधिकारी ने पत्रावली में उपलब्ध दस्तावेजों और प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 51 के तहत सुरेश कुमार पर एक लाख रुपये की शास्ति अधिरोपित की।

दूसरे मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने 4 जून, 2024 को हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित वीके नमकीन का निरीक्षण किया था। टीम ने वहां से रिफाइंड पामोलीन तेल का नमूना लेकर जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, बीकानेर भेजा। जांच रिपोर्ट में तेल अमानक पाया गया। विभाग की ओर से विक्रेता को नमूने की पुनः जांच करवाने का अवसर दिया गया, लेकिन निर्धारित अवधि में इस संबंध में आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया।

सुनवाई के दौरान वीके नमकीन के संचालक विजय कुमार ने बताया कि उन्होंने नया कारोबार शुरू किया था और नियमों की जानकारी नहीं होने के कारण कम जुर्माना लगाने का अनुरोध किया। हालांकि, न्यायनिर्णयन अधिकारी ने उपलब्ध दस्तावेजों और प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 51 के तहत विजय कुमार पर भी एक लाख रुपये की शास्ति अधिरोपित कर दी।

दोनों मामलों में आदेश दिया गया है कि जुर्माने की राशि निर्णय की तारीख से एक माह के भीतर न्यायनिर्णयन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, हनुमानगढ़ के नाम डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करवाई जाए। राशि जमा कराने के बाद संबंधित पक्षों को रसीद प्राप्त करनी होगी। इस कार्रवाई के तहत अमानक पाए गए खाद्य पदार्थों के दोनों मामलों में संबंधित कारोबारियों पर कुल दो लाख रुपये की शास्ति लगाई गई है।

Tags: