दिवाली पूजा सामग्री लिस्ट: लक्ष्मी-गणेश पूजन में क्या-क्या चाहिए?
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन की पूरी तैयारी के लिए मूर्तियों से लेकर कलश, भोग और अन्य सभी जरूरी सामान की चेकलिस्ट देखें।
दिवाली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश के पूजन की तैयारी और सामग्री का विवरण।
दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई से लेकर पूजा और खरीदारी की तैयारियां तेज हो जाती हैं। हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में शामिल दिवाली इस साल 8 नवंबर, रविवार को मनाई जा रही है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली पर विधि-विधान से लक्ष्मी पूजन करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। साथ ही आर्थिक स्थिति मजबूत होने और जीवन की समस्याओं से छुटकारा मिलने की मान्यता है।
दिवाली की पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में लक्ष्मी-गणेश पूजन की तैयारी के दौरान किसी जरूरी वस्तु की कमी न रह जाए, इसके लिए पहले से ही पूरी सामग्री की सूची तैयार करना जरूरी है। अगर आप भी दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के लिए खरीदारी करने जा रहे हैं तो यहां जानिए मूर्तियों से लेकर दीपक, पंचामृत, भोग और अन्य पूजन सामग्री की पूरी सूची।
लक्ष्मी-गणेश की पूजा के लिए सबसे पहले मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियां, कुबेर यंत्र, लक्ष्मी यंत्र, पूजा की चौकी, चौकी पर बिछाने के लिए कपड़ा और चांदी का सिक्का रखना चाहिए। मां लक्ष्मी के लिए लाल वस्त्र, चूड़ियां और भगवान गणेश के लिए पीला पटका भी पूजा सामग्री में शामिल हैं।
कलश स्थापना के लिए मिट्टी या पीतल का कलश, आम के पत्ते, जटा वाला नारियल, गंगाजल और एक लोटा जल की आवश्यकता होती है। इसके अलावा फूल और पत्तियां, फूलों की माला, कमल का फूल, गुलाब का फूल, अशोक के पत्ते और तुलसी दल भी पूजा के लिए रखे जाते हैं।
पूजन के दौरान कुमकुम, सिंदूर, अबीर, चंदन, केसर, कपूर, मौली यानी कलावा, इत्र की शीशी और रुई की जरूरत होती है। दीप प्रज्वलित करने के लिए मिट्टी के दीपक, चार मुख वाला बड़ा दीपक, बाती, सरसों का तेल और घी के साथ अगरबत्ती भी रखनी चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभता और समृद्धि से जुड़ी सामग्री में कौड़ियां, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, साबुत हल्दी, कमलगट्टे की माला, साबुत धनिया और सुपारी शामिल हैं। वहीं पंचामृत तैयार करने के लिए दूध, दही, शक्कर और शहद की व्यवस्था करनी होती है।
भोग और प्रसाद के लिए खीर, पांच प्रकार की मिठाई, पांच प्रकार के फल, पंचमेवा और खील-बताशे रखे जाते हैं। इसके साथ ही पूजा में पांच प्रकार का अनाज, पान के पत्ते, पान, लौंग, इलायची, गन्ना, सीताफल और सिंघाड़ा भी शामिल हैं।
भगवान गणपति के पूजन के लिए कुशा या दूर्वा और पेन की भी व्यवस्था करनी चाहिए। इस तरह दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए जरूरी सामग्री पहले से जुटाकर रखने से पूजा की तैयारियां व्यवस्थित तरीके से पूरी की जा सकती हैं।