जल संरक्षण: डीग के विद्यालय में छात्रों को दिए गए पानी बचाने के टिप्स
आरयूआईडीपी की ओर से आयोजित ब्रिक्स सतत जीवन शैली सप्ताह के तहत छात्रों को जल संकट और रेन वाटर हार्वेस्टिंग के बारे में जागरूक किया गया।
डीग के राजकीय विद्यालय में ब्रिक्स सतत जीवन शैली सप्ताह के तहत जल संरक्षण का संकल्प लेते छात्र।
डीग, 3 नवंबर। जल संकट की आशंका के बीच जल संरक्षण के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से ब्रिक्स सतत जीवन शैली सप्ताह 2026 के तहत डीग शहर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) की ओर से पुरानी डीग स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को जल के महत्व और उसके संरक्षण के उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान आरयूआईडीपी की सामुदायिक जागरूकता एवं जन सहभागिता (कैप) इकाई के सहायक सामाजिक विकास एवं जेंडर सपोर्ट अधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को जल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जल हमारे जीवन का अनमोल संसाधन है और इसकी उपलब्धता सीमित है। यदि समय रहते जल संरक्षण के प्रति जागरूकता नहीं बढ़ाई गई तो भविष्य में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
प्रदीप कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में पानी की बर्बादी रोकने, उपयोग के बाद नल बंद रखने, वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) अपनाने तथा जल स्रोतों को स्वच्छ एवं संरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व भी है।
उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे स्वयं पानी बचाने की आदत अपनाएं और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जल संरक्षण के प्रति जागरूक करें। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को जल की प्रत्येक बूंद का महत्व समझाया गया और जल संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संकल्प दिलाया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। ब्रिक्स सतत जीवन शैली सप्ताह 2026 के तहत आयोजित इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश परिवारों और समाज तक पहुंचाना रहा।