डीग के राजकीय प्राथमिक विद्यालय नया बाजार में आरयूआईडीपी की कैप इकाई द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्वच्छता और अपशिष्ट निस्तारण की प्रक्रिया समझाते अधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा।

डीग, 31 अक्टूबर। शहर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) की ओर से शनिवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय, नया बाजार डीग में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। परियोजना की सामुदायिक जागरूकता एवं जन सहभागिता इकाई (कैप) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता और व्यक्तिगत स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

कार्यक्रम के दौरान आरयूआईडीपी की कैप इकाई के सहायक सामाजिक विकास एवं जैंडर सपोर्ट अधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) और इसके प्रबंधन की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि घरों के सेप्टिक टैंकों से निकलने वाले अपशिष्ट को टैंकरों के माध्यम से आरयूआईडीपी द्वारा गोवर्धन गेट मालीपुरा रोड पर स्थापित एफएसटीपी प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। यहां अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से शोधन कर खाद तैयार की जाएगी, जिसका उपयोग कृषि कार्यों में किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अपशिष्ट के शोधन से प्राप्त पानी का उपयोग नगर परिषद परिसर में लगे पेड़-पौधों की सिंचाई के लिए किया जाएगा। इस व्यवस्था से शहर में गंदगी फैलने पर रोक लगेगी और पर्यावरण को साफ एवं स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में भी बताया गया। इसके साथ ही हाथ धोने के सात चरणों की प्रक्रिया विस्तारपूर्वक समझाई गई, ताकि विद्यार्थी स्वच्छता संबंधी आदतों को अपने दैनिक जीवन में अपना सकें।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका वंदना शर्मा ने आरयूआईडीपी के जागरूकता कार्यक्रम को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना जरूरी है, ताकि गंदगी से फैलने वाली बीमारियों से बचा जा सके।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपशिष्ट के उचित निस्तारण, उसके पुनः उपयोग और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। एफएसटीपी प्लांट के जरिए अपशिष्ट से खाद और शोधित पानी का उपयोग शहर की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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