डीग की पारंपरिक रामलीला में मंच पर लक्ष्मण शक्ति प्रसंग प्रस्तुत करते बाल कलाकार।

डीग में आचार्य पंडित नारायणलाल अखाड़ा रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला में लक्ष्मण शक्ति, हनुमान जी द्वारा लक्ष्मण जी के लिए जीवन बूटी लाने तथा कुंभकर्ण और मेघनाथ के मरण की लीलाओं का मंचन किया गया। छोटे भाई लक्ष्मण को शक्ति लगने के बाद बड़े भाई भगवान श्रीराम के अश्रुपूर्ण विलाप ने दर्शकों को भावुक कर दिया। राम और लक्ष्मण के इस प्रसंग को देखकर कई भक्तों की आंखों से भी आंसू निकल आए।

रामलीला के दौरान हनुमान जी द्वारा लक्ष्मण जी के लिए जीवन बूटी लाने और कुंभकर्ण तथा मेघनाथ के मरण की लीलाओं का मंचन किया गया। इन प्रसंगों में नन्हे कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों, भक्तों और श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। इसके बाद भक्तों ने 101 दीपकों से भगवान श्रीराम की आरती की।

रामलीला के अधिष्ठाता पंडित सूर्यभान शास्त्री जी ने बताया कि दशहरा के अवसर पर रामलीला महोत्सव के तहत आज शाम मेला मैदान में भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध की लीला के अंतर्गत रावण दहन किया जाएगा।

पंडित नारायणलाल अखाड़ा रामलीला समिति की ओर से पिछले 137 वर्षों से परंपरागत रूप से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। इस आयोजन की डीगवासियों के साथ दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने भी काफी सराहना की है। रामलीला में 8 से 12 वर्ष की आयु के नन्हे कलाकारों ने आकर्षक और मनमोहक अभिनय प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों, भक्तों और श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा।

राम की भूमिका लक्ष्य तिवारी ने निभाई, जबकि लक्ष्मण की भूमिका विवेक शर्मा ने अदा की। भरत की भूमिका लाडली शरण ने निभाई। सीता की भूमिका में सागर और शत्रुघ्न की भूमिका में वेदांत शर्मा ने अभिनय किया। इन बाल कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को आकर्षित करने के साथ भावुक भी किया।

रामलीला के दौरान व्यासपीठ पर पंडित मोहन लाल उपाध्याय वंशीवाले ने रामायण की चौपाइयों का पाठ किया। वहीं, संगीत का निर्देशन पंडित विष्णु उपाध्याय ने किया। 137 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में बाल कलाकारों की प्रस्तुतियों और धार्मिक प्रसंगों ने डीग में रामलीला महोत्सव को विशेष आकर्षण प्रदान किया।

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