राजस्थान के डीग में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित विधिक जागरूक शिविर के दौरान अधिकारियों व स्थानीय लोगों से चर्चा करते विधिक प्रतिनिधि।

डीग, 17 अक्टूबर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डीग के अध्यक्ष उपेन्द्र शर्मा के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डीग के सचिव राम किशन शर्मा ने शनिवार को जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने सखी वन स्टॉप सेंटर और वृद्धाश्रम का विस्तृत निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं और संबंधित अभिलेखों की जांच की। निरीक्षण के दौरान लीगल डिफेंस काउंसिल चीफ विनोद कुमार शर्मा, डिप्टी चीफ राजेंद्र शर्मा, कनिष्ठ सहायक अमरजीत सिंह एवं रोहन फौजदार भी उपस्थित रहे।

जिला कारागार के निरीक्षण के दौरान सचिव राम किशन शर्मा ने बैरकों, भोजनालय और चिकित्सा कक्ष की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी विधिक समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्थिक तंगी अथवा अन्य कारणों से किसी भी बंदी को विधिक पैरवी से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पात्र बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

सचिव शर्मा ने जिला कारागार के जेलर को बंदियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, उनके मानवाधिकारों की रक्षा, स्वच्छता बनाए रखने और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कारागार में बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं और उनकी विधिक आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दिया गया।

इसके बाद राम किशन शर्मा ने सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली विधिक सहायता, चिकित्सीय सुविधाओं और आश्रय सहायता से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। साथ ही, केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए, ताकि पीड़ित महिलाओं को निर्धारित सहायता उपलब्ध कराने से संबंधित व्यवस्थाओं की निगरानी की जा सके।

वृद्धाश्रम के निरीक्षण के दौरान सचिव ने वहां रह रहे वरिष्ठ नागरिकों से बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने वृद्धाश्रम प्रबंधन को बुजुर्गों के सम्मान का ध्यान रखने, उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और गुणवत्तापूर्ण देखभाल की पुख्ता व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

जिला कारागार, सखी वन स्टॉप सेंटर और वृद्धाश्रम के निरीक्षण के माध्यम से विधिक सहायता, बंदियों के स्वास्थ्य एवं मानवाधिकारों तथा पीड़ित महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों और प्रबंधन को व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

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