डीग: समीक्षा बैठक में खराब रैंकिंग पर सख्त डीएम, दो CBEO को 17 CC नोटिस
डीग कलेक्ट्रेट में जिला निष्पादन समिति की बैठक में योजनाओं की समीक्षा की गई, जहां डीएम मयंक मनीष ने जनाधार ऑथेंटिकेशन और पालनहार योजना में तेजी लाने के निर्देश दिए।
तस्वीर में डीग कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निष्पादन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते जिला कलक्टर।
डीग, 22 सितम्बर। जिला कलक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निष्पादन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा के दौरान जिले की खराब रैंकिंग पर जिला कलक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए कामां एवं पहाड़ी के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों के संबंध में 17 सीसी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने पीएम पोषण योजना का विवरण प्रत्येक माह की 5 तारीख तक पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। जनाधार ऑथेंटिकेशन की प्रगति वर्तमान में 75 प्रतिशत होने पर इसे 15 अक्टूबर तक 85 प्रतिशत सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में पन्नाधाय बाल गोपाल दुग्ध योजना, लाड़ो प्रोत्साहन योजना, मिड डे मील एवं एनीमिया मुक्त राजस्थान योजना की भी समीक्षा की गई। पन्नाधाय बाल गोपाल दुग्ध योजना में अधिकारियों ने बताया कि 30 अगस्त तक का भुगतान कर दिया गया है।
जिला कलक्टर ने सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने और योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पालनहार योजना में कोई भी पात्र बच्चा लाभ से वंचित नहीं रहने देने तथा सीबीईओ एवं सीडीपीओ से इस संबंध में प्रमाण-पत्र लेने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित पालनहार नवीनीकरण समय पर कराने को कहा।
उन्होंने अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी से समन्वय कर विद्यालयों के शौचालयों का सर्वे करवाने तथा सभी शौचालयों को क्रियाशील कराने के निर्देश दिए। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खोहरी में ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन के प्रकरण में जेवीवीएनएल को संबंधित एसडीएम से समन्वय कर समाधान करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने पिछले तीन वर्षों के परीक्षा परिणाम का विवरण भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसमें 90 प्रतिशत से अधिक, 75 प्रतिशत से अधिक एवं 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या के साथ जिले में कार्यरत शिक्षकों तथा रिक्त पदों की स्थिति का विवरण भी प्रस्तुत करने को कहा। बैठक में दिए गए इन निर्देशों के जरिए शिक्षा विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन, विद्यालयों की व्यवस्थाओं और शैक्षणिक परिणामों की प्रगति की समीक्षा को लेकर स्पष्ट दिशा तय की गई।