डीग में विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा मिठाई की दुकानों पर औचक निरीक्षण किया जा रहा है।

डीग, 3 नवम्बर। दिवाली पर मिठाई खरीदने वाले ग्राहकों को अब मिठाई के साथ डिब्बे का वजन चुकाने के नाम पर कम मिठाई देने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। उपभोक्ता मामले विभाग जयपुर के निर्देशन में विधिक माप विज्ञान विभाग ने इस तरह की अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए 2 नवम्बर से 6 नवम्बर तक विशेष जांच अभियान शुरू किया है।

अभियान के तहत मिष्ठान भण्डारों के साथ रिटेल और डिपार्टमेंटल स्टोर का भी औचक निरीक्षण किया जा रहा है। विभाग की ओर से विशेष रूप से उन मामलों की जांच की जा रही है, जिनमें मिठाई विक्रेता निर्धारित मात्रा में मिठाई के साथ डिब्बे का वजन भी जोड़कर ग्राहक को वास्तविक मात्रा से कम मिठाई देते हैं।

विभाग के अनुसार, इस तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर विधिक माप विज्ञान अधिनियम के अंतर्गत 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार यही उल्लंघन पकड़े जाने पर जेल की सजा का भी प्रावधान है।

निरीक्षण अभियान के दौरान विधिक माप विज्ञान अधिकारी ग्राहक बनकर मिठाई की दुकानों पर पहुंच रहे हैं और वास्तविक स्थिति की जांच कर रहे हैं। इसी क्रम में जोधपुर मिष्ठान भण्डार, नीरज स्वीट्स, बंसल स्वीट्स और बीकानेर मिष्ठान भण्डार का औचक निरीक्षण किया गया।

विधिक माप विज्ञान अधिकारी ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे अपने बांट और माप के उपकरणों का समय पर सत्यापन करवाएं, ताकि माप संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। दिवाली के दौरान ग्राहकों को निर्धारित मात्रा में मिठाई उपलब्ध कराने और डिब्बे के वजन के नाम पर होने वाली गड़बड़ी रोकने के लिए विभाग की यह कार्रवाई जारी रहेगी।

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