तस्वीर में सैनिक स्कूल के सभागार में मुख्य अतिथि और अधिकारियों द्वारा राजस्थानी लोक कलाकार जमाल खान और उनकी टीम को सम्मानित किया जा रहा है।

सैनिक स्कूल ने शुक्रवार को अपना 66वां स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया। स्थापना दिवस की संध्या पर स्कूल के शंकर मेनन सभागार में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त राजस्थानी लोकगीत कलाकार जमाल खान और उनकी प्रतिभाशाली टीम ने लोक संगीत की सजीव प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि स्कूल कैंपस की प्रथम महिला मोनिका जसरोटिया थीं। कार्यक्रम संयोजक सी एल भंडारकर ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि स्थापना दिवस समारोह के तहत आयोजित सांस्कृतिक संध्या में जमाल खान एवं उनकी टीम ने राजस्थान की समृद्ध लोक संगीत परंपरा को अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्ध राजस्थानी लोकगीत ‘केसरिया बालम पधारो म्हारे देश’ की मनमोहक प्रस्तुति से हुआ। इसके बाद कलाकारों ने ‘गोरबंद’, ‘छाप तिलक सब छीनी’, ‘लड़ली लूमा झूमा’ और ‘घूमर’ सहित विभिन्न लोकगीत प्रस्तुत किए। कलाकारों की शानदार जुगलबंदी पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।

कार्यक्रम के अंत में राजस्थान के प्रसिद्ध लोकगीत ‘निंबुड़ा’ की जोशीली प्रस्तुति ने पूरे सभागार को उत्साह और उमंग से भर दिया। लोकगीतों के साथ प्रस्तुत मनमोहक राजस्थानी लोक नृत्यों ने राजस्थान की समृद्ध लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कलाकारों के सधे हुए गायन, वादन और नृत्य ने सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम के समापन पर मुख्य अतिथि मोनिका जसरोटिया, प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया, उप प्राचार्या लेफ्टिनेंट कर्नल ईशा ठकराल एवं प्रशासनिक अधिकारी मेजर सी श्रीकुमार ने लोक कलाकार जमाल खान और उनकी टीम के सदस्यों को उपरना पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। मंच का संचालन अंश बिलवाल ने किया।

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