चेतावनी के बावजूद बरत रहे लापरवाही, पड़ सकती है भारी; नीलिया महादेव कुंड के समीप सेल्फी की खुमारी
बस्सी के नीलिया महादेव कुंड में डूबने की घटनाओं और 10 दिन पहले युवक की मौत के बावजूद लोग चेतावनी की अनदेखी कर रहे हैं। युवक-युवतियां सेल्फी और फोटोग्राफी के लिए झरने की पहाड़ियों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन की चेतावनी के बीच ग्रामीणों ने पुलिसकर्मी और सुरक्षा गार्ड तैनात करने की मांग की है।
बस्सी के नीलिया महादेव कुंड में प्रशासन की चेतावनी के बावजूद लोग जोखिम भरी जगहों पर फोटोग्राफी और सेल्फी ले रहे हैं, जहां हाल ही में एक युवक की डूबने से मौत हो चुकी है।
बस्सी। (प्रातकाल संवाददाता)। बस्सी क्षेत्र के नीलिया महादेव कुंड में बार-बार डूबने की घटनाओं के बावजूद लोग चेतावनी और सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी कर रहे हैं। करीब 10 दिन पहले ही इसी कुंड में एक युवक की डूबने से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद कुंड के समीप युवक-युवतियां सेल्फी और फोटोग्राफी के चक्कर में लापरवाही करते दिखाई दे रहे हैं।
कुंड के बाहर चेतावनी का बोर्ड लगा हुआ है और सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद कई लोग जोखिम वाले स्थानों तक पहुंच रहे हैं। कई युवक-युवतियां झरने के ऊपर की पहाड़ियों पर फोटोग्राफी करते दिखाई देते हैं। बारिश के दौरान इन पहाड़ियों पर फिसलन बढ़ने से कभी भी दुर्घटना हो सकती है। ऐसे में सेल्फी और फोटोग्राफी का शौक लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
प्रशासन की ओर से युवाओं को बरसात के समय झरने और कुंड के समीप नहीं जाने की सलाह दी गई है। इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर फोटोग्राफी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ग्रामीणों ने झरने और कुंड के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिसकर्मी और सुरक्षा गार्ड तैनात करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि मौके पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी रहेगी तो लोगों को झरने के आसपास जाने से रोका जा सकेगा। नीलिया महादेव कुंड में पहले हो चुकी डूबने की घटनाओं और हाल ही में हुई युवक की मौत के बाद भी जारी लापरवाही को देखते हुए बरसात के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाना जरूरी है, ताकि किसी और हादसे की पुनरावृत्ति न हो।