निकुंभ में पहली बार निकली भव्य कावड़ यात्रा, 151 कावड़ियों ने किया शिवलिंग का जलाभिषेक
निकुंभ में पहली बार निकली भव्य कावड़ यात्रा में 151 कावड़ियों ने भाग लिया। हर-हर महादेव के जयकारों के बीच समेलिया महादेव पर जलाभिषेक हुआ।
तस्वीर में निकुंभ में सड़क पर केसरिया ध्वज थामे और कावड़ लेकर चलते हुए शिव भक्त नजर आ रहे हैं।
निकुंभ में सर्व सनातन शिव भक्तों की ओर से प्रथम भव्य कावड़ यात्रा का शुभारंभ श्रावण मास के अंतिम सोमवार को श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में किया गया। खेतेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना और अनुष्ठान के बाद शुरू हुई कावड़ यात्रा में पहली बार छोटे-बड़े 151 कावड़ियों ने भाग लेकर गंगा जल युक्त जल से भोलेनाथ का अभिषेक किया।
शिव भक्त मंडल के रितेश वैष्णव ने जानकारी देते हुए बताया कि फूल-मालाओं से सजी कावड़ यात्रा बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ प्रातः 10.15 बजे खेतेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ हुई। यात्रा गणेश मंदिर, गणेश दरवाजा, मंशापूर्ण महादेव मंदिर, चारभुजा मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर और बावड़ी दरवाजा महादेव मंदिर होते हुए पुनः बस स्टैंड स्थित आशीर्वाद हनुमान मंदिर पहुंची।
आशीर्वाद हनुमान मंदिर में श्रीराम सत्संग सेवा परिषद के अध्यक्ष प्रेम सिंह सिसोदिया की उपस्थिति में हनुमान मंदिर कमेटी एवं राज राजेश्वर महादेव मंदिर समिति की ओर से कावड़ यात्रा का शिव तिलक, उपरना तथा पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। प्रथम कावड़ यात्रा के आयोजन को लेकर शिव भक्तों में काफी उत्साह देखा गया। पहली बार अच्छी संख्या में ग्रामवासी महिला-पुरुषों ने कावड़ यात्रा में भाग लिया, जिससे संपूर्ण वातावरण शिवमय हो गया।
आशीर्वाद हनुमान मंदिर पर मुख्य कावड़ की पूजा-अर्चना के बाद सभी भक्तों को फल का प्रसाद वितरित किया गया। मुख्य पुजारी अशोक दास वैष्णव ने कावड़ यात्रियों को तिलक लगाया। स्वागत-अभिनंदन के बाद कावड़ यात्रा में भक्त नाचते-गाते और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए निकुंभ चौराहा पहुंचे।
इसके बाद कावड़ यात्रा क्षेत्र के प्रसिद्ध चूना खेड़ा नदी संगम पर स्थित समेलिया महादेव मंदिर पहुंची। यहां कावड़ियों ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और प्रसाद वितरण के बाद कावड़ यात्रा का समापन हुआ। पहली बार आयोजित इस कावड़ यात्रा में 151 कावड़ियों द्वारा कावड़ उठाकर गंगा जल युक्त जल से भोलेनाथ का अभिषेक किया गया।