चित्तौड़गढ़ में आगामी निकाय चुनावों की रणनीति को लेकर पार्टी नेताओं के साथ चर्चा करते हुए विधायक चंद्रभान सिंह आक्या और पार्टी कार्यकर्ता।

चित्तौड़गढ़ में आगामी निकाय चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी के भीतर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पूर्व विधायक नरपत सिंह राजवी और विधायक चंद्रभान सिंह आक्या की मुलाकात के बाद जिले में नए राजनीतिक समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं। मुलाकात के बाद विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने नरपत सिंह राजवी को अपना राजनीतिक गुरु बताते हुए उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त की।

विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि नरपत सिंह राजवी ने कई वर्षों तक चित्तौड़गढ़ विधानसभा की बागडोर संभालकर क्षेत्र की निस्वार्थ सेवा की है। उनके मन में राजवी के प्रति हमेशा से आदर और श्रद्धा का भाव रहा है। उन्होंने कहा कि राजवी के लंबे राजनीतिक अनुभव से उन्हें सदैव मार्गदर्शन मिलता रहा है।

निकाय, पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों को लेकर आक्या ने स्पष्ट किया कि सांसद सीपी जोशी के नेतृत्व में पूरी टीम एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि सामान्य सीट पर सामान्य वर्ग के प्रत्याशी को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, यदि किसी अन्य वर्ग का उम्मीदवार अधिक मजबूत स्थिति में है, तो संगठन उस पर भी विचार कर सकता है।

आक्या ने कहा कि टिकट वितरण का अंतिम निर्णय भाजपा संगठन का होगा और पार्टी का हर कार्यकर्ता उस निर्णय को स्वीकार करेगा। ऐसे में आगामी निकाय, पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों से पहले भाजपा की एकजुटता का संदेश राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

इस अवसर पर बस्सी मण्डल अध्यक्ष भंवरसिंह खरड़ी बावड़ी, अनंत समदानी, प्रदीप काबरा, सुनिल मेनारिया व प्रशांत शर्मा आदि उपस्थित थे।

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