चित्तौड़गढ़ स्थित सैनिक स्कूल में अखिल भारतीय सैनिक स्कूल राष्ट्रीय खेलों का मार्च पास्ट के साथ शुभारंभ करते अतिथि और कैडेट्स।

चित्तौड़गढ़ स्थित सैनिक स्कूल में सोमवार को ग्रुप स्तरीय अखिल भारतीय सैनिक स्कूल राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान सहित 10 सैनिक स्कूलों के 132 बालिकाओं सहित कुल 325 प्रतिभागी विभिन्न खेलों में हिस्सा ले रहे हैं।

प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रादेशिक परिवहन अधिकारी चित्तौड़गढ़ नेमी चंद पारीक तथा विशिष्ट अतिथि कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया रहे। स्कूल की उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल ईशा ठकराल, स्कूल के सीनियर मास्टर ओंकार सिंह एवं प्रतियोगिता के संयोजक मंजीत सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया।

स्कूल के एथलेटिक ग्राउंड में मुख्य अतिथि ने स्कूल वाइस कैप्टेन कैडेट करण झोरड़ के नेतृत्व में आयोजित मार्च पास्ट की सलामी ली और मशाल जलाकर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। कैप्टेन ने सभी खिलाड़ियों को शपथ दिलाई।

जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन के दौरान एथलेटिक्स, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल जैसी प्रमुख खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों के ज्ञान, तर्कशक्ति, अभिव्यक्ति एवं समसामयिक विषयों की समझ को परखने के लिए क्विज एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी।

मुख्य अतिथि ने कहा कि खेल केवल शरीर को स्वस्थ और मजबूत नहीं बनाते, बल्कि वे अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना, आत्मविश्वास, धैर्य और संघर्ष करने की क्षमता भी सिखाते हैं। मैदान यह सिखाता है कि जीत महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण ईमानदारी से प्रयास करना है। हर प्रतियोगिता में कोई विजेता बनता है और कोई पीछे रह जाता है, लेकिन वास्तविक विजेता वह है जो हार से सीखता है और अगले अवसर के लिए और अधिक मेहनत करता है।

उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल के कैडेट्स के लिए खेलों का महत्व और भी अधिक है। भविष्य में इनमें से अनेक युवा देश की रक्षा और राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी संभालेंगे।

प्रतियोगिता की शुरुआत सब जूनियर बालिका वर्ग की 100 मीटर दौड़ से हुई। इसमें सैनिक स्कूल मथुरा की कैडेट भांवी प्रथम, रीवा की चामरथी स्तुति द्वितीय एवं अमेठी की माधवी तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं 200 मीटर सब जूनियर बालिका वर्ग में रीवा की रुद्राक्षी प्रथम, मैनपुरी की श्रावणी द्वितीय एवं मथुरा की कैडेट पार्क्षी गुप्ता तृतीय स्थान पर रहीं। खेलों के साथ ज्ञान, तर्कशक्ति और अभिव्यक्ति से जुड़ी प्रतियोगिताओं का आयोजन कैडेट्स के समग्र विकास के उद्देश्य को भी सामने रखता है।

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