चित्तौड़गढ़ में सावन के अंतिम सोमवार पर गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे, निकली भव्य कांवड़ यात्रा
सावन के अंतिम सोमवार पर चित्तौड़गढ़ में भव्य कांवड़ यात्राएं निकलीं। शिवालयों में अभिषेक, झांकियों और पुष्पवर्षा से शहर शिवमय रहा।
सावन के अंतिम सोमवार को चित्तौड़गढ़ में जय शिव भोले भक्तों द्वारा निकाली गई कांवड़ यात्रा के दौरान चौमुखा महादेव मंदिर की ओर बढ़ते श्रद्धालु।
चित्तौड़गढ़। सावन माह के अंतिम सोमवार को चित्तौड़गढ़ शहर महादेव की भक्ति में डूबा नजर आया। सुबह तड़के से ही शहर के तमाम शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और हर-हर महादेव, जय भोलेनाथ तथा बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। इस अवसर पर जय शिव भोले भक्तों सहित विभिन्न संगठनों की ओर से भव्य कांवड़ यात्राएं निकाली गईं, जिनमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
जय शिव भोले भक्तों द्वारा पाडन पोल से चित्तौड़गढ़ की सुख, शांति, समृद्धि एवं अच्छी बरसात की कामना को लेकर कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा पाडन पोल से रवाना होकर गांधी चौक, गोल प्याऊ, सुभाष चौक, अप्सरा सिनेमा होते हुए चौमुखा महादेव मंदिर पहुंची, जहां कांवड़ में भरे जल एवं पंचामृत से चौमुखा महादेव का अभिषेक व श्रृंगार कर आरती की गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में संत विनोद यति महाराज, संत दिग्विजयराम महाराज, आरएसएस विभाग प्रचारक हरिशंकर, जिला प्रचारक मयंक, विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या, प्रेमचंद मूंदड़ा, सुशील शर्मा, सुरेश झंवर, जय शिव भोले भक्त के मुकेश नाहटा, शेखर सोनी, राजकुमार कुमावत, राधेश्याम आमेरिया, अनिल सोनी, गौरव त्यागी, रघु शर्मा, अर्जुन मूंदड़ा, सुनिल ढीलीवाल, सुधीर भटनागर, योगेश व्यास, अनिल ईनाणी, भोलाराम प्रजापत, बालमुकुन्द मालीवाल, नगेन्द्रसिंह राठौड़ सहित कई सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक और व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भगवा ध्वज दिखाकर यात्रा रवाना की।
कांवड़ यात्रा में सबसे आगे घोड़े और उनके पीछे बैंड के साथ मातृशक्ति व बहिनें चल रही थीं। 51 किग्रा वजनी कांवड़ के साथ कानसिंह तथा 101 कांवड़ के साथ मातृशक्ति शामिल रही। बैंड की धुन पर युवा भोले की भक्ति में झूमते हुए गगनभेदी नारे लगा रहे थे और भगवा ध्वज लहरा रहे थे। यात्रा में विशाल नंदी, आग निकालते शिव जी, शिवगण, गोरिल्ला, पीछे बग्घी में विराजित शिव पार्वती की सजीव झांकी तथा भगवान एकलिंग नाथ की झाँकी सम्मिलित रही। कई धार्मिक, राजनैतिक, व्यापारिक और सामाजिक संगठनों की ओर से जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई तथा प्रसाद के रूप में फल, सेगारी आदि वितरित किए गए। यात्रा के दौरान लता पांडिया, परिधि भटनागर, माया गोस्वामी, अंजली सेन, सुनिता शर्मा, प्रीति पारीक, सपना कीर, मधु पारीक, रिया चौबीसा, आरती प्रजापत, साक्षी बैरागी आदि मातृशक्ति व बहिनों का विशेष सहयोग रहा। कांवड़ यात्रा के समापन पर भोजन प्रसाद का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में सुदर्शन सेवा संस्थान की ओर से भी विशाल कांवड़ यात्रा निकाली गई। यह यात्रा पाडल पोल झरने से प्रारंभ होकर चंदेरिया स्थित शिव वाटिका में पार्थिव शिवलिंग के जलाभिषेक एवं पंचामृत से महाभिषेक तथा महाआरती के साथ सम्पन्न हुई। कांवड़ियों ने चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित प्रसिद्ध पड़ानपोल के झरने से पवित्र जल कांवड़ में भरा। पड़ानपोल से शुरू हुई यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई चंदेरिया स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंची, जहां भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया। सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालु कंधों पर कांवड़ उठाए अनुशासित तरीके से चलते नजर आए। डीजे और ढोल-नगाड़ों पर बजते शिव भजनों के बीच युवक-युवतियां झूमते और थिरकते हुए आगे बढ़े। पूरे मार्ग में बम-बम भोले और हर-हर महादेव के उद्घोष से माहौल शिवमय बना रहा। शहरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर कांवड़ यात्रा का स्वागत किया। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद दिखाई दिया। शिवालयों में दिनभर जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक और महाआरती के दौर चलते रहे।
श्रावण मास के अंतिम सोमवार के अवसर पर विधायक चंद्रभान सिंह आक्या महादेव मित्र मंडल सावा व चिकसी की ओर से ग्रामीणों द्वारा निकाली गई कांवड़ यात्रा में भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने सर्वत्र खुशहाली व अमन चैन की कामना की। सावा में अम्बामाता मंदिर से कांवड़ यात्रा शुरू होकर नरबदेश्वर महादेव देवरी होते हुए पुनः नरबदेश्वर महादेव मंदिर नीम चौक पहुंचकर सम्पन्न हुई। इसी प्रकार ग्राम चिकसी में महादेव मंदिर से कांवड़ यात्रा आरंभ होकर पूरे गांव से होते हुए महादेव मंदिर पहुंची और सम्पन्न हुई। विभिन्न स्थानों पर कांवड़ यात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर अनिल सुखवाल, हेमराज मेघवाल, प्रकाश जाट, अशोक सुथार, रवि कल, हरनारायण लक्षकार, राघव नाथ महाराज, श्रवण पूर्बिया, मनीष मण्डोवरा, रमेश सुथार, रामप्रसाद सुथार, देवी लाल सुथार, देवी लाल कुमावत, मुकेश कुमावत, राजु कुमावत, गोपाल कुमावत, हीरालाल जाट, बाबुलाल कुमावत, हरिओम पुरी, नानू पुरी, ओम तिवारी, कन्हैया लाल मेघवाल, हरलाल तेली, रामचन्द्र गायरी, सत्यनारायण, बाबु लाल, गिरधर पुरबिया, दिनेश बैरागी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
सावन मास के शुभ अवसर पर स्थानीय अशोक नगर, महावीर कॉलोनी स्थित पीपलेश्वर महादेव मंदिर पर बाबा बर्फानी के रूप में शिव जी की मनमोहक झाँकी भी सजाई जाएगी। पुजारी शंकरलाल सुथार के अनुसार सायंकाल बाबा बर्फानी की मनमोहक झाँकी सजाई जाएगी और संध्या आरती होगी। इस दौरान छप्पन भोग लगाया जाएगा, जिसका आयोजन राजेश ढीलीवाल द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में राजेश सुथार, भोला, चिराग ढीलीवाल, सोनू बैरागी, सुनिल, मनीष, राहुल माली आदि भक्तगण सहयोग करेंगे। सावन के अंतिम सोमवार पर कांवड़ यात्राओं, शिवालयों में अभिषेक और धार्मिक आयोजनों से चित्तौड़गढ़ दिनभर शिवभक्ति में सराबोर रहा।