नगर पालिका चुनाव में भाजपा की बढ़त, चार प्रत्याशी मैदान में; कांग्रेस में टिकट को लेकर गुटबाजी
बेगूं नगर पालिका चुनाव में भाजपा ने चार प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल किए, जबकि कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर गुटबाजी और असमंजस की चर्चा है।
तस्वीर में रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में कागजी कार्यवाही के दौरान नामांकन प्रक्रिया में शामिल लोग और अधिकारी नजर आ रहे हैं।
नगर पालिका चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन भारतीय जनता पार्टी ने चार वार्डों से अपने प्रत्याशी मैदान में उतारकर चुनावी बढ़त बनाने का प्रयास किया। वहीं, कांग्रेस की ओर से दूसरे दिन भी किसी प्रत्याशी ने नामांकन प्रस्तुत नहीं किया। भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन के साथ ही बेगूं में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
भाजपा ने वार्ड नंबर 1 से कन्हैया लाल धाकड़ (बानोड़ा), वार्ड नंबर 9 से रिदम जोशी (ब्रह्मपुरी), वार्ड नंबर 16 से विमला धाकड़ (हरिपुरा-दौलतपुरा) तथा वार्ड नंबर 31 से लाली बाई धाकड़ (किशोरपुरा-गंगापुर) को प्रत्याशी बनाया है। चारों प्रत्याशियों ने रिटर्निंग अधिकारी अंकित सामरिया के समक्ष नामांकन प्रस्तुत किया।
भाजपा के चार प्रत्याशियों में रिदम जोशी और विमला धाकड़ जेन जी यानी जेनरेशन जेड़ आयु वर्ग से हैं। देशभर में जेन जी से जुड़े आंदोलनों के बाद नगर पालिका चुनाव में इन दोनों प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से युवाओं में भी चुनाव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। राजनीतिक हलकों में भाजपा द्वारा दोनों को प्रत्याशी बनाए जाने को विधायक डॉ. सुरेश धाकड़ की विशेष चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
दूसरी ओर, कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पार्टी में आंजना एवं विधुड़ी गुट के बीच टिकटों के बंटवारे को लेकर खींचतान की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में चल रही हैं। बताया जा रहा है कि टिकट वितरण को लेकर दोनों पक्षों की सक्रियता जयपुर तक पहुंच गई है। हालांकि कांग्रेस की ओर से प्रत्याशियों की आधिकारिक तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है।
नगर में कांग्रेस के संभावित टिकट वितरण को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि यदि विधुड़ी गुट के नेतृत्व में चुनाव संचालित होता है और टिकट वितरण में उसी गुट की प्राथमिकता रहती है, तो लंबे समय से पार्टी के लिए सक्रिय और निष्ठावान कई प्रतिष्ठित कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा सकता है। ऐसे में पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ने और चुनावी रणनीति प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल भाजपा द्वारा चार प्रत्याशियों की घोषणा के साथ नामांकन दाखिल कर दिए जाने से उसने चुनावी मैदान में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है, जबकि कांग्रेस के प्रत्याशियों की घोषणा का इंतजार है। अब सभी की नजर कांग्रेस के टिकट वितरण और दोनों दलों के आगामी चुनावी समीकरणों पर टिकी है।