तस्वीर में आकोला के बस स्टैंड पर रोडवेज बस में चढ़ने के लिए उमड़ी भीड़ और बाजार का दृश्य दिखाई दे रहा है।

आकोला में भाई-बहन के पवित्र पर्व रक्षाबंधन पर बाजारों में ग्राहकों की अच्छी खासी भीड़ रही। राखियों और मिठाइयों की खरीदारी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं, वहीं राज्य सरकार की ओर से रोडवेज बसों में दो दिन तक नि:शुल्क सफर की सुविधा के चलते महिलाओं में बसों में बैठने के लिए होड़ भी मची रही।

रक्षाबंधन पर्व की खरीदारी को लेकर बाजार में दिनभर अच्छी खासी चहल-पहल रही। बिक्री बढ़ने से व्यापारी संतुष्ट दिखाई दिए। नगर पालिका के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों से कई महिलाएं खरीदारी करने पहुंचीं। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देने के लिए खरीदारी की। कई स्थानों पर छोटे भाई अपनी मनपसंद राखी खरीदने के लिए जिद करते दिखाई दिए, जिसके बाद बहनों ने उनकी पसंद की कार्टून वाली राखियां खरीदीं।

राखियों के साथ आकर्षक राखी कार्ड भी बिक्री के लिए उपलब्ध रहे। राखी विक्रेताओं के अनुसार चांदी वाली राखियों की मांग धनाढ्य लोगों द्वारा की जाती रही है, लेकिन इस वर्ष चांदी के भाव आसमान को छू रहे हैं। इसके चलते चांदी की राखियों की अधिक मांग नहीं रही। वहीं इस साल नारियल का भाव अधिक होने से इसकी बिक्री में कमी आ रही है।

राखियों की खरीदारी को लेकर शहरी ही नहीं, बल्कि ग्रामीण लोगों में भी काफी अधिक उत्साह देखा गया। ग्रामीण महिलाएं हाथ ठेलों पर चमकीली आदि राखियों की खरीदारी करती रहीं। शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी।

रक्षाबंधन के चलते बाजार में जगह-जगह राखियों के काउंटर और मिठाइयों की दुकानें सजाई गईं। पीपली चौक से मुख्य बस स्टैंड तक विभिन्न प्रकार की राखियों के काउंटर लगाए गए, जहां लोगों ने जमकर खरीदारी की। इस बार हिन्दू कैलेंडर के अनुसार रक्षाबंधन पूर्णिमा शुक्रवार को मनाई गई।

बाजार में इस बार कई तरह की रंग-बिरंगी डिजाइनों वाली राखियां बिक्री के लिए उपलब्ध रहीं। इनकी कीमत दो रुपए से लेकर एक हजार रुपए तक रही। इनमें कच्चे धागे, रेशम व सादा डोरे, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक राखियां, क्रिस्टल वाले डोरे, चूड़ा राखी, हथलेवा राखी और डू डायमंड राखी महिलाओं एवं युवतियों को लुभाती रहीं। रक्षाबंधन पर्व पर बाजार में बढ़ी चहल-पहल और खरीदारी ने पर्व की रौनक बढ़ा दी।

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