बड़ी सादड़ी में संविदा सफाई कर्मचारी भर्ती का विरोध, वाल्मीकि महासभा ने सरकार से की भर्ती नियम बदलने की मांग
बड़ी सादड़ी में संविदा सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर विरोध तेज, वाल्मीकि महासभा ने परम्परागत सफाईकर्मियों को भर्ती में शामिल करने की मांग उठाई।
राज्य सरकार द्वारा जारी संविदा सफाई कर्मचारी भर्ती की विज्ञप्ति को लेकर बड़ी सादड़ी में भारी विरोध सामने आया है। अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव राजेश वाल्मीकि (बड़ी सादड़ी) ने विज्ञप्ति को कर्मचारी हितों पर कुठाराघात बताते हुए सरकार से भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की मांग की है।
राजेश वाल्मीकि ने कहा कि वाल्मीकि समाज की पीढ़ियों ने आमजन की सेवा के लिए टोकरी में भरकर सिर पर मैला ढोया है। कोरोना काल में भी इसी समाज ने आमजन के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए अपनी जान की बाजी लगाकर सेवाएं दीं। इसके बावजूद आज उसी समाज को सफाईकर्मी की नौकरी से वंचित किया जा रहा है और गैर वाल्मीकि समाज को सफाई कर्मचारी भर्ती में मौका दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गैर वाल्मीकि कर्मचारी आमजन की स्वास्थ्य सेवा से जुड़े सफाई कार्य के बजाय ऑफिसों की शोभा बढ़ाएंगे। इससे जनसंख्या के अनुपात में सफाई कर्मचारी भर्ती होने के बावजूद शहरवासियों की स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कर्मचारियों का टोटा रहेगा।
अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा ने राज्य सरकार से मांग की है कि परम्परागत सफाई कार्य करने वाले लोगों को ही भर्ती में शामिल किया जाए। साथ ही संविदा नियम को हटाकर कर्मचारी सेवा नियम के अनुसार सफाई कर्मचारियों की भर्ती की जाए।