जोगणियां माता शक्तिपीठ में दुर्गाष्टमी पर संस्थान अध्यक्ष सत्यनारायण जोशी ने अतिथि का स्वागत किया।

बेगूं (चित्तौड़गढ़)। श्री जोगणियां माता शक्तिपीठ में शारदीय नवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत दुर्गाष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। माता रानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दिनभर मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही बनी रही, वहीं धार्मिक अनुष्ठानों, विशाल रात्रि जागरण, भजन संध्या और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। माता रानी के जयकारों से शक्तिपीठ परिसर और रामलीला मैदान गूंज उठे।

दुर्गाष्टमी पर आयोजित विशाल रात्रि जागरण एवं भजन संध्या में प्रसिद्ध गायक कलाकार गोकुल जी शर्मा ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। माता रानी की महिमा का गुणगान करते भजनों पर भक्त देर रात तक झूमते रहे। भजन संध्या के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह और माता रानी के जयकारे पूरे रामलीला मैदान में गूंजते रहे। भक्ति गीतों की प्रस्तुतियों के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण मुंबई के प्रसिद्ध आशीष केल्विन डांस ग्रुप की ओर से प्रस्तुत श्री दुर्गासप्तशती में वर्णित शुम्भ-निशुम्भ वध और भगवती की दिव्य महिमा पर आधारित भव्य नृत्य नाटिका रही। कलाकारों ने आकर्षक वेशभूषा, प्रभावशाली अभिनय, मनमोहक नृत्य, संगीत और सजीव मंचन के माध्यम से मां भगवती के पराक्रम, शक्ति तथा असुरों के संहार की पौराणिक कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।


नृत्य नाटिका में मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों, देवी और असुरों के बीच संघर्ष तथा शुम्भ-निशुम्भ के वध से जुड़े प्रसंगों का प्रभावशाली चित्रण किया गया। कलाकारों की भावपूर्ण अभिव्यक्ति और आकर्षक मंचीय प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भगवती के रौद्र और शक्तिशाली स्वरूपों के मंचन से दर्शकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट और माता रानी के जयकारों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। श्री दुर्गासप्तशती के धार्मिक प्रसंगों पर आधारित यह नृत्य नाटिका रात्रि जागरण के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही।

कार्यक्रम के दौरान श्री जोगणियां माता शक्तिपीठ प्रबंध एवं विकास संस्थान के अध्यक्ष सत्यनारायण जोशी ने मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने नवरात्रि महोत्सव में श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माता रानी के प्रति भक्तों की अटूट आस्था, समर्पण और सहयोग से ही ऐसे धार्मिक आयोजनों को भव्य स्वरूप मिलता है। उन्होंने धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण तथा सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में ऐसे आयोजनों को महत्वपूर्ण बताया।

दुर्गाष्टमी के इस आयोजन में बाल योगी अवधूत अलखनाथ जी महाराज (दिल्ली), बनवारी शरण जी महाराज (भीलवाड़ा), राम मुनी जी महाराज (नोएडा) और पंडित कैलाश चंद्र जी शर्मा सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। श्री जोगणियां माता शक्तिपीठ वेद विद्यालय के अध्यापकगण और वेदाध्ययनरत बटुक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। संस्थान के ट्रस्ट सदस्यगण, पदाधिकारीगण, क्षेत्रवासी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।

श्री जोगणियां माता शक्तिपीठ में शारदीय नवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान, हवन-यज्ञ, माता रानी की विशेष पूजा-अर्चना, दर्शन और विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दुर्गाष्टमी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, गोकुल शर्मा की भक्तिमय भजन संध्या और आशीष केल्विन डांस ग्रुप की शुम्भ-निशुम्भ वध पर आधारित नृत्य नाटिका ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया। मंदिर परिसर और रामलीला मैदान में श्रद्धा, शक्ति, संस्कृति और भक्ति का संगम देखने को मिला। माता रानी के जयकारों के बीच आयोजित इस धार्मिक महोत्सव में श्रद्धालुओं की व्यापक सहभागिता प्रमुख रूप से नजर आई।

Tags: