डूंगला के पुला मंगरा स्थित वैष्णव निरंजनी वंश की कुलदेवी के नवनिर्मित मंदिर पर स्वर्ण कलश स्थापित करते श्रद्धालु।   

डूंगला। वैष्णव निरंजनी वंश की कुलदेवी के नवनिर्मित मंदिर पर स्वर्ण कलश एवं ध्वजा दंड की स्थापना के साथ दो दिवसीय जीर्णोद्धार कार्यक्रम शनिवार को संपन्न हुआ। बड़ी सादड़ी कस्बे के निकट पुला मंगरा इलाके में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में हवन, स्वर्ण कलश आरोहण, ध्वजा दंड स्थापना, महाआरती, भजन संध्या और जादू के शो सहित विभिन्न आयोजन हुए। स्वर्ण कलश स्थापना के लिए 1 लाख 27 हजार रुपये की बोली लगी, जबकि ध्वजा दंड और महाआरती के लिए भी श्रद्धालुओं ने बोली लगाकर लाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम के तहत शनिवार सुबह मंदिर प्रांगण में हवन का आयोजन किया गया। इसमें यशपाल, सुरेंद्र, प्रेम शंकर, मधुसूदन, शिव शंकर, विकास और राजेंद्र वैष्णव ने यज्ञ में भाग लिया। इसके बाद स्वर्ण कलश आरोहण के लिए बोली लगाई गई। स्वर्गीय मदन प्रसाद वैष्णव एडवोकेट निरंजनी परिवार बोहेड़ा के नाम पर 1 लाख 27 हजार रुपये की बोली छूटी। इसके बाद स्वर्गीय मदन प्रसाद वैष्णव बोहेड़ा परिवार की ओर से कुलदेवी माता के नवनिर्मित मंदिर पर स्वर्ण कलश स्थापित किया गया।

इसी क्रम में ध्वजा दंड स्थापना के लिए 21 हजार रुपये की बोली लगाई गई। निरंजन परिवार जावर माइंस बेमला ने बोली लगाकर ध्वजा दंड स्थापना का लाभ प्राप्त किया। वहीं, महाआरती के लिए बंशीलाल निरंजनी परिवार बोहेड़ा ने 31 हजार रुपये की बोली लगाकर महाआरती का लाभ प्राप्त किया।

जीर्णोद्धार कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी सादड़ी नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती ममता बाबेल, अध्यक्ष पति मनोज बाबेल, पार्षद मुकेश सेन, पार्षद पति विनोद गर्ग और भरत कुमार एडवोकेट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। आयोजक मंडल की ओर से यशपाल, सुरेंद्र, प्रेम शंकर, रतन दास, विकास, नंदकिशोर, पुष्पा देवी, जमुना देवी, सुमित्रा देवी, गौरी देवी और हेमलता ने परंपरागत तरीके से अतिथियों का स्वागत किया।

भजन संध्या में चारभुजा सत्संग मंडल करजू के कन्हैयालाल, बंबोरी खेड़ा के शिवम वैष्णव, बिनोता के श्रवण गोठड़ा, प्रदीप, ललित, रमेश करजू, प्रकाश वैष्णव अकोलागढ़, जगन्नाथ दास बड़ी सादड़ी, सियाराम दास बड़ी सादड़ी, बबलू भाई, जनार्दन प्रसाद उदयपुर, अभिषेक, आर्यमान, आराध्या कुमारी और अक्षत कुमार डूंगला ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजन संध्या शनिवार तड़के तक चली। इस दौरान श्रद्धालु माता के दरबार में भजनों पर झूमते और नाचते नजर आए।

शनिवार को स्वर्ण कलश एवं ध्वजा दंड की स्थापना के बाद आयोजन स्थल पर मशहूर जादूगर सुरेश वैष्णव निकुंभ ने जादू का शो प्रस्तुत किया। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर निरंजन परिवार की ओर से आयोजक मंडल के यशपाल, सुरेंद्र, प्रेम शंकर, पवन वैष्णव और साउंड सेवा देने वाले गोपाल वैष्णव का स्वागत किया गया। गणेश दास बड़ी सादड़ी और शिव शंकर उदयपुर ने मेवाड़ी परंपरा के अनुसार उनका सम्मान कर आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन अभिषेक वैष्णव डूंगला ने किया। स्वर्ण कलश और ध्वजा दंड की स्थापना के साथ वैष्णव निरंजनी वंश की कुलदेवी मंदिर के जीर्णोद्धार का दो दिवसीय आयोजन संपन्न हुआ।

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