कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय, जावदा में हिंदी दिवस के अवसर पर कुलगुरु वैद्य महेश दीक्षित ने वृक्षारोपण कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

चित्तौड़गढ़ स्थित श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय जावदा में भारतीय संस्कृति, मातृभाषा एवं हिंदी भाषा के संरक्षण तथा संवर्धन के उद्देश्य से हिंदी दिवस हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और इसके गौरव को रेखांकित करने के लिए विभिन्न रचनात्मक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगुरु वैद्य महेश दीक्षित द्वारा परिसर में वृक्षारोपण करके किया गया। इस दौरान उन्होंने प्रकृति और संस्कृति के आपसी अटूट संबंध को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को एक प्रेरणादायी संदेश दिया। अपने संबोधन में कुलगुरु ने कहा कि जिस प्रकार पेड़ हमारे जीवन को प्राणवायु प्रदान करते हैं, ठीक उसी प्रकार हमारी मातृभाषा हिंदी हमारे संस्कारों, विचारों और भावनाओं को पोषित करने का कार्य करती है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं शिक्षकगण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

वृक्षारोपण कार्यक्रम के संपन्न होने के पश्चात विद्यार्थियों की बौद्धिक, रचनात्मक एवं भाषायी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में मुख्य रूप से निबंध लेखन, श्रुतिलेख, पल्लवन लेखन, शब्द-शुद्धि लेखन एवं पोस्टर निर्माण शामिल रहे। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने इन स्पर्धाओं में बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों ने हिंदी भाषा के प्रति अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति, लेखन कौशल और भाषा ज्ञान का परिचय दिया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार की ओर से सभी सहभागी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आयोजन समिति को इस सफल आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। इसके साथ ही विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति निरंतर रुचि एवं सम्मान बढ़ाने तथा भारतीय संस्कृति और मातृभाषा के संवर्धन के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों को लगातार आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया गया।

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