गुरु पूर्णिमा पर बड़ीसादड़ी में गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन, 30 शिक्षकों और 31 प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान

बड़ीसादड़ी में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भारत विकास परिषद के 'गुरु गौरवम्' अभियान के तहत गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। जयसिंहपुरा में 30 शिक्षकों और 31 प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान हुआ तथा गुरु सम्मान, संस्कार, अनुशासन और नशामुक्ति का संदेश दिया गया।

Update: 2026-07-30 06:43 GMT

तस्वीर में बड़ीसादड़ी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयसिंहपुरा में भारत विकास परिषद के 'गुरु गौरवम्' अभियान के तहत सम्मानित होने वाले शिक्षक, अतिथि और प्रतिभावान विद्यार्थी नजर आ रहे हैं।

बड़ीसादड़ी। गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में भारत विकास परिषद की ओर से प्रदेशव्यापी 'गुरु गौरवम्' अभियान के तहत गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के माध्यम से प्रदेशभर में एक लाख से अधिक विद्यार्थियों एवं गुरुजनों तक भारतीय संस्कृति, गुरु सम्मान, माता-पिता की सेवा, अनुशासन तथा नशामुक्ति का संदेश पहुंचाया गया।

भारत विकास परिषद शाखा बोहेड़ा की ओर से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयसिंहपुरा में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में क्षेत्र के 18 विद्यालयों के 30 शिक्षकों एवं 31 प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसीबीईओ जगदीश चंद्र धाकड़ ने की, जबकि मुख्य अतिथि गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन कार्यक्रम के प्रांतीय प्रभारी भूपेंद्र कुमार भंडारी रहे।

शाखा अध्यक्ष कैलाश चंद्र मालू ने परिषद की वर्षभर की गतिविधियों की जानकारी देते हुए अगस्त माह में आयोजित होने वाली भारत को जानो प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरु एवं माता-पिता के संस्कारों का पालन करते हुए अनुशासित जीवन अपनाने की प्रेरणा दी।

शाखा सचिव प्रकाश चंद्र गायरी ने बताया कि अगस्त एवं सितंबर माह में भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के सम्मान के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने छात्र-छात्राओं से राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया।

मुख्य वक्ता भूपेंद्र कुमार भंडारी ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु के प्रति श्रद्धा, निष्ठा और समर्पण ही विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि गुरु के मार्गदर्शन में चलकर ही विद्यार्थी सफल जीवन के साथ राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं।

कार्यक्रम का संचालन कृष्णार्जुन पार्थभक्ति ने किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य राधेश्याम चेलावत, परिषद उपशाखा कोषाध्यक्ष उदयलाल सालवी, संस्कार प्रभारी सुरेश चंद्र डांगी सहित परिषद के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं शिक्षक नरेश जारौली, बसंत नाराणीवाल, सुरेंद्र सिंह, सुनील कोली, देवेंद्र सिंह, सुरेश धाकड़, प्रकाश जोशी, मुकेश धाकड़, जीवनचंद धाकड़ सहित अनेक जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को राष्ट्रभक्ति एवं नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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