चित्तौड़गढ़ में गैंगवार की साजिश नाकाम, पुलिस पर फायरिंग करने वाला हिस्ट्रीशीटर प्रभुसिंह चौहान एनकाउंटर में घायल

चित्तौड़गढ़ के शंभूपुरा थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान पुलिस पर फायरिंग करने वाले सदर थाने के हिस्ट्रीशीटर प्रभुसिंह चौहान को जवाबी कार्रवाई में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी कथित रूप से ईश्वरसिंह डेट की हत्या की फिराक में अवैध हथियारों के साथ निकला था।

Update: 2026-07-31 13:23 GMT

तस्वीर में जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड के बाहर सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी नजर आ रहे हैं।

चित्तौड़गढ़ जिले में गैंगवार की एक बड़ी साजिश को पुलिस ने नाकाम करते हुए सदर थाने के हिस्ट्रीशीटर प्रभुसिंह चौहान को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। शंभूपुरा थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान हुई इस कार्रवाई में पुलिस पर फायरिंग करने वाले आरोपी के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला चिकित्सालय के ट्रॉमा वार्ड स्थित आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के अनुसार, गत वर्ष हुए चर्चित अजयराज सिंह हत्याकांड के मामले में गंगरार थाने का हिस्ट्रीशीटर ईश्वरसिंह डेट जेल में बंद था। ईश्वरसिंह हाल ही में 5 अगस्त तक की पैरोल पर बाहर आया हुआ था। पुरानी रंजिश और गैंगवार की फिराक में प्रभुसिंह चौहान अपने विरोधी ईश्वरसिंह डेट की हत्या करने के उद्देश्य से अवैध हथियारों के साथ निकला था।



 पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हिस्ट्रीशीटर प्रभुसिंह अवैध हथियारों के साथ घूम रहा है और विरोधी गैंग पर हमले की फिराक में है। सूचना के आधार पर शंभूपुरा थाना पुलिस ने क्षेत्र में नाकाबंदी की।

नाकाबंदी के दौरान जब पुलिस ने आरोपी को रोकने का प्रयास किया तो उसने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली प्रभुसिंह के पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने मौके से आरोपी के कब्जे से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम भी मौके पर पहुंची और निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। मुठभेड़ में घायल प्रभुसिंह को जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड स्थित आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। आईसीयू के अंदर क्यूआर टीम के जवान तैनात हैं, जबकि ट्रॉमा वार्ड के बाहर सदर थाना पुलिस की टीम सुरक्षा में लगी हुई है। सदर थानाधिकारी प्रेमसिंह भी मौके पर मुस्तैद हैं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव स्वयं ट्रॉमा वार्ड पहुंचे और आरोपी के स्वास्थ्य तथा इलाज के संबंध में जानकारी ली। पुलिस की इस कार्रवाई से कथित गैंगवार की साजिश विफल हो गई और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

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