तस्वीर में चित्तौड़गढ़ के बस्सी टोल प्लाजा पर पुलिस अधिकारी, ग्रामीण और स्थानीय लोग बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं।

चित्तौड़गढ़-कोटा मार्ग स्थित बस्सी टोल प्लाजा पर सोमवार को कावड़ियों और टोलकर्मियों के बीच विवाद के बाद जमकर मारपीट हुई। दोनों पक्षों में लात-घूंसे चले। घटना के बाद टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार लग गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। अधिकारियों की मौजूदगी में टोलकर्मियों द्वारा कावड़ियों से माफी मांगने के बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में भी लिया।

जानकारी के अनुसार सोमवार को दर्जनों युवा कावड़ लेकर त्रिवेणी से चित्तौड़गढ़ जा रहे थे। इसी दौरान बस्सी टोल प्लाजा पर तैनात टोलकर्मियों ने कथित तौर पर बदतमीजी की और एक कावड़ी को सरिया से मारा। इसके बाद माहौल बिगड़ गया और कावड़ियों व टोलकर्मियों के बीच मारपीट शुरू हो गई। दोनों पक्षों में लात-घूंसे चले।

विवाद बढ़ने पर टोल प्लाजा के दोनों ओर वाहनों का जमावड़ा लग गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर बस्सी तहसीलदार मुकेश गुर्जर और थानाप्रभारी प्रेम सिंह जादौन मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और भीड़ को खदेड़ा।


 


इसके बाद टोल पर कावड़ियों के साथ ग्रामीण धरने पर बैठ गए। उन्होंने टोलकर्मियों की दादागिरी नहीं चलेगी का नारा लगाते हुए प्रदर्शन किया। माहौल बिगड़ता देख अधिकारियों की मौजूदगी में टोलकर्मियों ने कावड़ियों से माफी मांगी और समझाइश की। इसके बाद स्थिति शांत हुई। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया।

टोल प्लाजा पर आए दिन विवाद, आमजन परेशान

बस्सी टोल प्लाजा आए दिन विवादों को लेकर सुर्खियों में बना रहता है। आरोप है कि टोल पर वाहन चालकों से बदतमीजी, गाली-गलौच और मारपीट के मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन मामलों को दबा दिया जाता है। टोल के आसपास के गांवों के लोगों ने भी टोलकर्मियों के व्यवहार को लेकर आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय लोगों को भी परेशान किया जाता है और टोलकर्मी मनमानी करते हैं।

ग्रामीणों की ओर से प्रशासन से व्यवस्था में सुधार करने और टोलकर्मियों को बदलने की मांग की जा रही है। सोमवार को कावड़ियों के साथ मारपीट की घटना के बाद चित्तौड़गढ़ सहित जिलेभर से ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पुलिस और ग्रामीणों की मौजूदगी में टोलकर्मियों से माफी मंगवाने के बाद विवाद शांत हुआ।

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