चित्तौड़गढ़ में 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, प्रकरणों के निस्तारण पर विशेष जोर
चित्तौड़गढ़ में 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय लोक अदालत होगी। बैठक में मोटर दुर्घटना, चेक अनादरण और राजीनामा योग्य प्रकरणों के निस्तारण पर जोर दिया गया।
तस्वीर में दिख रहे अधिकारी कार्यालय में बैठकर बैठक कर रहे हैं.
चित्तौड़गढ़ में इस वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष मानसिंह चूण्डावत के निर्देशानुसार 10 अक्टूबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव योगिता पारीक की अध्यक्षता में गुरुवार को न्यायालय परिसर में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सचिव योगिता पारीक ने राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निस्तारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मोटर वाहन दुर्घटना दावा प्रकरणों में इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी एवं अधिवक्ताओं के साथ बैठक कर स्पेशल प्री-काउंसलिंग करने पर जोर दिया।
सचिव पारीक ने राजीनामा योग्य पेटी ऑफेंस के प्रकरणों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए उन्हें राजीनामे के माध्यम से निस्तारित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रकरणों को पंचायत समिति अनुसार चिन्हित कर उनमें डोर स्टेप प्री-काउंसलिंग कराने तथा चेक अनादरण के प्रकरणों में विशेष रूप से काउंसलिंग करते हुए अधिक से अधिक प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए कहा।
बैठक में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश शरद कुमार व्यास तथा राजेश कुमार मीना उपस्थित रहे। सचिव योगिता पारीक ने बताया कि इस वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 10 अक्टूबर को किया जाएगा। इसमें न्यायालयों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण किया जाएगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर आयोजित इस बैठक में विभिन्न श्रेणियों के प्रकरणों में प्रभावी प्री-काउंसलिंग और राजीनामे के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।