चित्तौड़गढ़ में दो माह पुराने हत्या कांड का खुलासा, कुएं में शव फेंकने वाला वांछित इनामी आरोपी गिरफ्तार

चित्तौड़गढ़ के डूंगला थाना क्षेत्र में दो माह पहले कुएं में मिले युवक के शव के मामले में पुलिस ने फरार वांछित इनामी आरोपी शान्तिलाल को गिरफ्तार कर लिया। प्रेम प्रसंग से जुड़े इस हत्या कांड में पुलिस जांच, तकनीकी साक्ष्य और गिरफ्तारी ने कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर किए।

Update: 2026-07-30 06:56 GMT

तस्वीर में चित्तौड़गढ़ जिले का डूंगला थाना परिसर दिखाई दे रहा है, जहां पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद हैं।

चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला थाना पुलिस ने दो माह पूर्व हुई हत्या के मामले में फरार चल रहे वांछित इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर प्रकरण का खुलासा आगे बढ़ाया है। पुलिस अधीक्षक चित्तौड़गढ़ श्री धमेन्द्र सिंह (आई.पी.एस.) के अनुसार 13.05.2026 को थाना डूंगला पर सूचना मिली थी कि डूंगला सर्कल के गांव करसानिया में स्व. कमलचन्द खटीक के खेत पर स्थित कुएं में एक अज्ञात व्यक्ति गिरा हुआ है। सूचना पर थाना डूंगला पुलिस मौके पर पहुंची और 14.05.2026 को एफएसएल टीम चित्तौड़गढ़ की सहायता से अज्ञात व्यक्ति के शव को कुएं से बाहर निकलवाया। बाद में मृतक की पहचान भैरूलाल पुत्र केसरमाल जाति खटीक, उम्र 25 वर्ष, निवासी रतनपुर, थाना निकुंभ के रूप में हुई। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सुपुर्द किया गया तथा मृतक के जीजा राहुल देवंदी की रिपोर्ट पर थाना डूंगला में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान प्रार्थी राहुल ने मृतक भैरूलाल की हत्या की आशंका देवीलाल खटीक निवासी मेघनगर पर जताई। उसने बताया कि तीन दिन पहले फोन पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों के मोबाइल कॉल डिटेल प्राप्त कर उनका विश्लेषण किया तथा तकनीकी साक्ष्यों और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के आधार पर गहन अनुसंधान किया। जांच के दौरान देवीलाल पिता कन्हैयालाल जाति खटीक, उम्र 29 वर्ष, निवासी मेघनगर, थाना मंगलवाड़, शांति देवी पत्नी कमलचन्द जाति खटीक, उम्र 46 वर्ष, निवासी करसानिया, थाना डूंगला तथा एक नाबालिग प्रेमिका को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। तीनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद थाना डूंगला में हत्या सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक भैरूलाल और आरोपी शान्तिलाल की नाबालिग साली के बीच प्रेम संबंध थे। भैरूलाल उससे विवाह करना चाहता था, जबकि प्रेमिका की माता, उसका जीजा तथा प्रेमिका का भाई इस संबंध के विरोध में थे और उसका विवाह अन्य स्थान पर करना चाहते थे। इसी कारण आरोपी शान्तिलाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। पुलिस के अनुसार योजनाबद्ध षड्यंत्र के तहत भैरूलाल को उसकी प्रेमिका से फोन पर मिलने के बहाने कुएं पर बुलाया गया, जहां उसके सिर पर कुल्हाड़ी के बट से कई वार कर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को प्रेमिका के कुएं में डाल दिया गया और गांव में यह अफवाह फैला दी गई कि किसी अज्ञात व्यक्ति का शव कुएं में मिला है, ताकि हत्या की वारदात पर पर्दा डाला जा सके।

प्रकरण में घटना में शामिल तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि चौथा आरोपी शान्तिलाल पिता रामलाल जाति खटीक, उम्र 33 वर्ष, निवासी मेघवन, थाना मंगलवाड़, जिला चित्तौड़गढ़, घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी रही और 28.07.2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

पूरे प्रकरण के खुलासे में थाना डूंगला के थानाधिकारी ओम सिंह, एएसआई कन्हैयालाल, हेड कांस्टेबल जितेन्द्र सिंह यादव, रामधन, कांस्टेबल ओमप्रकाश, विनोद तथा अनिल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और लगातार की गई तलाश के आधार पर दो माह पुराने हत्या कांड में फरार वांछित इनामी आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित कर मामले की जांच को निर्णायक चरण तक पहुंचाया।

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