चित्तौड़गढ़ में कांग्रेस का हल्लाबोल, चुनावी प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों पर कलेक्टर को ज्ञापन
चित्तौड़गढ़ में कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में अनियमितता और आचार संहिता उल्लंघन के आरोप लगाकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और विरोध प्रदर्शन किया।
तस्वीर में सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर में बैठे कांग्रेस कार्यकर्ता।
चित्तौड़गढ़ में नगर परिषद चुनावों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और नियम-कायदों की खुलेआम अनदेखी किए जाने के गंभीर आरोपों को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में कांग्रेस प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आरओ राज लक्ष्मी गहलोत द्वारा वार्ड नंबर 34 से संबंधित आपत्ति पर उपलब्ध तथ्यों और 7 वर्ष की सजा से जुड़े दस्तावेजी साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद आपत्ति को स्वीकार नहीं किया गया। कांग्रेस ने इसे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ गंभीर खिलवाड़ बताया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रशासन सरकार के इशारे पर काम कर रहा है और निर्वाचन प्रक्रिया में निष्पक्षता के बजाय राजनीतिक दबाव को प्राथमिकता दी जा रही है। वार्डों में आचार संहिता के खुले उल्लंघन की शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ तीखा आक्रोश जताया।
पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के मत का सम्मान सर्वोच्च होना चाहिए। यदि किसी प्रत्याशी के संबंध में गंभीर आपत्ति और उसके समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध हैं, तो उसकी निष्पक्ष जांच किए बिना आपत्ति को खारिज करना पूरी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी कीमत पर लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी।
जाड़ावत ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता दबने या डरने वाले नहीं हैं। सत्ता के दबाव में लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया गया तो कांग्रेस सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक पुरजोर संघर्ष करेगी।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि वार्डों में आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे निष्पक्ष चुनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस ने जिला प्रशासन से मांग की कि सभी शिकायतों और आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव या पक्षपात की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाए।
इस दौरान चित्तौड़गढ़ नगर परिषद क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित होकर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इस मौके पर अनिल सोनी, विक्रम जाट, रणजीत लोट, रमेशनाथ योगी, कैलाश पंवार, महेंद्र शर्मा, महेश काकानी, बालमुकुंद मालीवाल, सुरेंद्रनाथ योगी, अर्जुन रायका, राजेश सोनी, राकेश घारू, गहरुगिरी गोस्वामी, नवरतन जीनगर, शंभूलाल प्रजापत, शंभुलाल प्रजापत, नरेंद्र विजयवर्गीय, टिंकू धामानी, सद्दाम खान, अनिल सैनी, नितिन वर्मा, हेमंत संत, मोहन सिंह भाटी, महावीर सिंह, राजदीप सिंह राणावत, विनोद लड्डा, खुशनुद खान, रामेश्वर माली, संजय रैगर, श्रीलाल गुर्जर, रामेश्वर बैरवा, जमनालाल सेन, गिरवर सिंह, जगदीश टांक, गौरव मेडतवाल, शांतिलाल सालवी, मनीष चांवला, कन्हैयालाल गाडरी, राजेश गुर्जर, शांतिलाल भील, फिरोज खान, शैलेंद्र सिंह शक्तावत, धर्मेंद्र तिवारी, दीपक तिवारी, राजेश कंडारा, देवराज सिंह भाटी, यशप्रताप सिंह झाला, आशीष रेवाड़ा, मुकेश मदानीया, नारायण नाथ, सुशील जटिया, कमलेश ईनाणी, देवेंद्र रैगर, शंभुलाल शर्मा, चंदा माली, जियाउल नीलगर, कन्हैयालाल मोची सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।