बड़ी सादड़ी। दहेज हत्या से जुड़े मामले में अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश बड़ीसादड़ी अभिषेक कोड़प ने अभियुक्त ख्यालीलाल पिता भंवरलाल खटीक निवासी पुरोहितों की मादड़ी रोड नं. 2, प्रतापनगर, उदयपुर को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 306 के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इसके साथ ही 5,000 रुपये के जुर्माने की भी सजा सुनाई गई है, जिसकी अदायगी नहीं करने पर 3 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

प्रकरण के अनुसार गांव सरथला निवासी मोहनलाल खटीक की पुत्री यशोदा कुमारी का विवाह मई 2015 में ख्यालीलाल के साथ हुआ था। विवाह के बाद ससुराल में उसका पति उसे परेशान करता था और दहेज की मांग करता था। लगातार परेशानी से तंग आकर यशोदा ने अपने पिता को उदयपुर बुलाया और ससुराल वालों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ससुराल वाले नहीं समझे।

इसके बाद यशोदा अपने पिता के साथ सरथला आ गई। ससुराल वालों के दुर्रव्यवहार से मजबूर होकर विवाह के 6 माह के अंदर ही उसने घर में छत के पंखे से दुपट्टा बांधकर गले में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले यशोदा ने एक सुसाइड नोट भी लिखकर छोड़ा था, जो पुलिस को घर में मिला।

मामले की न्यायिक कार्रवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 20 गवाहों के बयान करवाए गए तथा 26 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक एवं राजकीय अभिभाषक विजयसिंह राठौड़ ने पैरवी की। सुनवाई के बाद न्यायालय ने अभियुक्त ख्यालीलाल को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 306 में 5 वर्ष के कठोर कारावास और निर्धारित जुर्माने की सजा सुनाई।

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