बनस्टी की विवाहिता की संदिग्ध मौत पर ग्रामीणों का आक्रोश, निष्पक्ष जांच और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग
चित्तौड़गढ़ के मांगरोल में विवाहिता की संदिग्ध मौत पर बनस्टी के ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, एफआईआर और सख्त कार्रवाई की मांग की।
चित्तौड़गढ़ में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए बनस्टी के ग्रामीण।
चित्तौड़गढ़ के ग्राम मांगरोल में विवाहिता बनस्टी निवासी रतनीबाई की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु को लेकर बनस्टी ग्रामवासियों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताते हुए आरोप लगाया कि निम्बाहेड़ा सदर थाना में रिपोर्ट दिए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच, तत्काल विधि सम्मत एफआईआर एवं मुकदमा दर्ज करने तथा दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की।
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि बनस्टी निवासी बालुलाल प्रजापत की 30 वर्षीय पुत्री रतनीबाई की 5 जुलाई को उसके ससुराल ग्राम मांगरोल में मृत्यु हो गई थी। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई इस मृत्यु के बाद बनस्टी ग्रामवासियों ने तत्काल हत्या की आशंका जताते हुए पति नानालाल प्रजापत, जेठ मोहनलाल, जेठपुत्र राहुल, मनु, ननद मांगीबाई तथा कई अन्य लोगों के विरुद्ध षड्यंत्र रचकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कई दिन बीत जाने के बावजूद सदर थाना निम्बाहेड़ा द्वारा मामले में कोई प्रभावी एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं तथा मृतका के परिजनों को डरा-धमका रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया कि घटना जेके सीमेन्ट फैक्ट्री, मांगरोल प्लांट के 200 मीटर के दायरे में हुई, जहां हाईपावर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इसके बावजूद उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज पर कोई संज्ञान नहीं लिया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में रोष और बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान भोलाराम प्रजापत, गणेशलाल साहू, बक्षीराम गुर्जर, इन्द्रमल गुर्जर, फतहलाल गुर्जर, लक्ष्मण प्रजापत, हेमराज प्रजापत, प्रकाश, भेरूलाल, कन्हैयालाल प्रजापत, खेमराज प्रजापत, बालकिशन प्रजापत, बालु प्रजापत, नंदलाल, रतनलाल, गिरधारी, प्रभुलाल, रतनलाल, राधेश्याम, नारायणलाल, कालू, राजू, राहुल, लाला, अर्जुन, मुकेश, चंपालाल, मोतीलाल, नारायणलाल, जगदीश, शाकीन, देवीलाल, रोशन, प्रहलाद, भेरूलाल, शांतिलाल, डालचंद, भगवतीलाल, मुकेश, नंदलाल, गोटूलाल, कन्हैयालाल, रतनलाल, सुरेश, मुकेश, कैलाश, रमेश, पप्पु, विजय, विष्णु, सीताराम, प्रकाश, मनोहर, गोवर्धन, शंकर, मोतीलाल, प्रभू जटिया, बालीबाई, सुगना बाई, गंगाबाई, फेफी बाई, ममता बाई, आशा बाई, पारसबाई, गुलाबी बाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। मामले में निष्पक्ष जांच और विधिसम्मत कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बना हुआ है।