Chittorgarh: धनतेरस पर मनाया गया भगवान धन्वंतरि दिवस, आयुर्वेद का संदेश दिया
चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना कर स्वस्थ जीवनशैली और आयुर्वेद चिकित्सा के महत्व को रेखांकित किया गया।
चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय पर धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा करते आयुर्वेद विभाग के अधिकारी।
चित्तौड़गढ़। धनतेरस के पावन अवसर पर शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में भगवान धन्वंतरि दिवस श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आयुर्वेद विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भगवान धन्वंतरि की विधिवत पूजा-अर्चना कर आरोग्य, सुख-समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की गई। इस दौरान आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता और जनस्वास्थ्य में इसकी भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. योगेश व्यास, डॉ. गोपाल लाल अरोड़ा, डॉ. विनोद गन्धर्व, डॉ. दीपाली देराश्र, डॉ. मीरा निठरवाल, डॉ. मुकेश माली और डॉ. भारती सिंगल सहित वरिष्ठ कम्पाउण्डर अनिल सिसोदिया, मुकेश बारबर, खुशाली पटवा, कंचन कंवर, पीयूष सिंह, सचिन कुमार मौड़, विनोद कुमार जीनगर, राकेश कन्नौजिया तथा योग गुरु सुरेश शर्मा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में आयुर्वेद विभाग के सेवानिवृत्त आयुर्वेद चिकित्साधिकारी और वर्तमान में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्साधिकारी भी शामिल हुए। सभी ने भगवान धन्वंतरि के समक्ष पूजा-अर्चना कर आयुर्वेद की चिकित्सा परम्परा के महत्व तथा जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
इसी क्रम में जिले में संचालित सभी आयुर्वेद चिकित्सालयों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और औषधालयों में भी भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की गई। इन सभी संस्थानों में धन्वंतरि दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से आयुर्वेद की प्राचीन एवं समृद्ध चिकित्सा परम्परा को आगे बढ़ाने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के लाभ जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। धनतेरस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों के जरिए आयुर्वेद और जनस्वास्थ्य के बीच महत्वपूर्ण संबंध को भी रेखांकित किया गया।