चित्तौड़गढ़ में सीए-टैक्स कंसल्टेंट्स संग भाजपा की परिचर्चा, लोकतंत्र पर मंथन
सांसद सीपी जोशी और विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने मतदाता सूची पुनरीक्षण, निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया।
चित्तौड़गढ़ में भाजपा नेताओं और सीए-टैक्स कंसल्टेंट्स ने 'लोकतंत्र बचाओ' परिचर्चा का पोस्टर जारी किया।
चित्तौड़गढ़। लोकतंत्र की मजबूती, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और जागरूक नागरिकता को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने चित्तौड़गढ़ में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं टैक्स कंसल्टेंट्स के साथ विशेष परिचर्चा आयोजित की। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ विषय पर आयोजित इस संवाद में सांसद सीपी जोशी, विधायक चंद्रभान सिंह आक्या और भाजपा जिलाध्यक्ष रतनलाल गाडरी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था, निर्वाचन प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार साझा किए।
परिचर्चा के दौरान लोकतंत्र, निर्वाचन प्रक्रिया, संवैधानिक व्यवस्थाओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं टैक्स कंसल्टेंट्स के साथ हुए संवाद में भाजपा के लोकतंत्र के प्रति दृष्टिकोण, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा, निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा नागरिकों की लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
सांसद सीपी जोशी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों में जागरूकता, संवैधानिक अधिकारों की जानकारी और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए आम नागरिकों की भूमिका और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के महत्व पर अपने विचार रखे।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर हुई चर्चा में निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन व्यवस्था के लिए मतदाता सूची का शुद्धिकरण महत्वपूर्ण बताया गया। इस बात पर जोर दिया गया कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल हो और अपात्र नामों को नियमानुसार हटाया जाए। इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए नागरिकों की जागरूकता और सहयोग को आवश्यक बताया गया। साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और आमजन तक सही जानकारी पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
परिचर्चा में भाजपा की संगठनात्मक भूमिका और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जनजागरूकता की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संविधान, नागरिक अधिकारों, कर्तव्यों और जनभागीदारी पर आधारित व्यवस्था है। लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखना और संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में मौजूद चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं टैक्स कंसल्टेंट्स ने भी विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। संवाद के माध्यम से लोकतंत्र के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी आमजन तक पहुंचाने और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।