तस्वीर में बस्सी की सरकारी जमीन पर हुई तारबंदी और झाड़ियां दिखाई दे रही हैं।

बस्सी। प्रातकाल संवाददाता। चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र के बस्सी तहसील में चरनोट, बिलानाम और सरकारी जमीनों पर कथित कब्जों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कहीं जमीन पर रातोंरात तारबंदी कर कब्जा किया जा रहा है तो कहीं सरकारी जमीन से मिट्टी निकालकर बेचने के आरोप हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन मामलों पर बस्सी प्रशासन प्रभावी लगाम नहीं लगा पा रहा है।

जानकारी के अनुसार बीती रात बिहारीपुरा में एक व्यक्ति ने चरनोट जमीन पर रात के समय तारबंदी कर कब्जा कर लिया। सुबह इसकी जानकारी मिलने पर गांव में माहौल बन गया। पटवारी, गिरदावर सहित अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई, जिसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना किया।

कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचे अधिकारियों को मौजूद लोगों ने बताया कि चरनोट जमीन पर कब्जा करने और तारबंदी का यह पहला मामला नहीं है। आसपास भी कई लोगों ने कब्जा कर रखा है। लोगों ने तहसीलदार, पटवारी, गिरदावर एवं अधिकारियों से सभी कब्जे हटाने की मांग की। कुछ लोगों का कहना था कि इन माफियाओं को प्रशासन का कोई डर नहीं है। वे अपनी मनमानी करते हुए कभी भी सरकारी जमीनों पर कब्जा जमा लेते हैं और प्रशासन की ओर से भी इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे इनके हौसले बुलंद हो रहे हैं।

इस मामले में गिरदावर रमेश टेलर ने कहा कि मौका मुआयना किया है। जल्द ही सभी कब्जाधारियों को नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी।

इधर, जानकारी मिली है कि ग्राम पंचायत बस्सी के राती तलाई पर कुछ लोग रास्ते पर पत्थर डालकर दीवार बनाने लगे। इसको लेकर दो पक्षों में जमकर बहस हुई और माहौल बिगड़ गया। इसके बाद पंचायत से एक कर्मचारी मौके पर पहुंचा और काम रुकवाया। पंचायत प्रशासन ने पत्थर हटाने के लिए कहा है, नहीं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी मिट्टी और मालामाल माफिया

बस्सी तहसील क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर क्षेत्र के चार-पांच मिट्टी माफियाओं ने आतंक मचा रखा है। आरोप है कि रात होते ही जेसीबी और आधा दर्जन से अधिक ट्रैक्टर लेकर चरनोट, बिलानाम और सरकारी जमीनों पर पहुंच जाते हैं और रातभर मिट्टी खोदकर निकालते हैं। इसके बाद मिट्टी बाजार में ऊंचे दामों पर बेच दी जाती है।

वहीं, ट्रैक्टर चालक बिना किसी से डरे वाहनों को तेज गति से सड़कों पर दौड़ाते हैं, जिससे आमजन परेशान हैं। बस्सी पुलिस क्वार्टर के पीछे, झुणजी के सामने, बिजयपुर रोड, पाल रोड, बस्सी खेड़ा स्कूल के सामने बेरी में, कृषि कॉलेज के आसपास और कई जगहों से बड़ी मात्रा में मिट्टी निकाल ली गई है। इन स्थानों पर मिट्टी निकाले जाने का नजारा साफ तौर पर नजर आता है।

ग्रामीणों के बीच सवाल उठ रहा है कि ऐसा लगता है बस्सी में पोपाबाई का राज है? आरोप है कि इसी कारण इन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। सरकारी मिट्टी बेचकर ये माफिया मालामाल हो गए हैं और चांदी कूट रहे हैं। चरनोट, बिलानाम और सरकारी जमीनों पर कब्जे तथा मिट्टी निकाले जाने के मामलों ने बस्सी प्रशासन के सामने कार्रवाई की चुनौती खड़ी कर दी है।

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