चित्तौड़गढ़ नगर परिषद सभापति चुनाव: बीजेपी के अनिल ईनाणी और कांग्रेस के नगेंद्र सिंह में मुकाबला
33 सीटों के साथ बीजेपी के पास स्पष्ट बहुमत, तीन नामांकन के बाद अनिल ईनाणी को मिला सिंबल; कांग्रेस से नगेंद्र सिंह मैदान में।
तस्वीर में चित्तौड़गढ़ नगर परिषद कार्यालय में प्रत्याशी अधिकारियों को नामांकन पत्र सौंपते हुए।
चित्तौड़गढ़। नगर परिषद सभापति चुनाव को लेकर शहर का राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है। नगर परिषद चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी अपने बहुमत के साथ बोर्ड बनाने को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है, वहीं कांग्रेस ने भी अपना प्रत्याशी मैदान में उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। बुधवार को नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन दोनों प्रमुख दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम सामने रखे, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं और समीकरणों का दौर तेज हो गया।
नगर परिषद के कुल वार्डों के चुनाव परिणामों के अनुसार भाजपा को 33 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत मिला है, जबकि कांग्रेस के खाते में 23 और निर्दलीयों के खाते में 4 सीटें आई हैं। बहुमत हासिल करने के बाद भाजपा में सभापति पद के चेहरे को लेकर काफी समय से मंथन चल रहा था।
बुधवार सुबह भाजपा ने रणनीतिक कदम उठाते हुए तीन प्रमुख पार्षदों के नामांकन दाखिल करवाए। इनमें अनिल ईनाणी, सुदर्शन रामपुरिया एवं शैलेंद्र झंवर शामिल थे। तीनों प्रत्याशियों ने नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर रिटर्निंग अधिकारी राज लक्ष्मी गहलोत के समक्ष अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। सुबह तीन नाम सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि पार्टी सभापति पद के लिए अंतिम मुहर किस नाम पर लगाएगी।
दोपहर में तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई। भाजपा के चुनाव प्रभारी धर्मनारायण जोशी नगर परिषद पहुंचे और पार्षद अनिल ईनाणी को पार्टी का आधिकारिक सिंबल सौंपा। इसके साथ ही अनिल ईनाणी भाजपा के सभापति प्रत्याशी के रूप में सामने आए।
वहीं कांग्रेस ने वार्ड नंबर 36 से निर्वाचित पार्षद नगेंद्र सिंह राठौड़ को अपना सभापति प्रत्याशी घोषित किया और उनका नामांकन दाखिल करवाया। नामांकन के दौरान पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत, वरिष्ठ नेता प्रेम प्रकाश मूंदड़ा, अनिल सोनी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही चित्तौड़गढ़ नगर परिषद सभापति चुनाव में भाजपा के अनिल ईनाणी और कांग्रेस के नगेंद्र सिंह राठौड़ के बीच मुकाबला तय हो गया है। भाजपा के पास 33 पार्षदों के साथ स्पष्ट बहुमत है, जबकि कांग्रेस के 23 और निर्दलीय 4 पार्षद हैं। अब दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के नामांकन के बाद सभापति चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।