चित्तौड़गढ़ में अशोक कुमार बाबेल का मरणोपरांत नेत्रदान, दो दृष्टिहीनों को मिलेगी रोशनी
चित्तौड़गढ़ के दिवाकर नगर निवासी अशोक कुमार बाबेल के अकस्मात निधन के बाद परिजनों ने मरणोपरांत नेत्रदान किया। महावीर इंटरनेशनल नेत्र चिकित्सालय में कॉर्निया उत्सर्जन की प्रक्रिया पूरी हुई, जिससे दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को दृष्टि मिलने का अवसर मिलेगा।
स्व. अशोक बाबेल के निधन पर परिजनों ने नेत्रदान का निर्णय लिया।
दिवाकर नगर, चामटीखेड़ा रोड निवासी अशोक कुमार बाबेल के अकस्मात निधन के बाद उनके परिजनों ने मरणोपरांत नेत्रदान का निर्णय लेकर मानव सेवा की मिसाल पेश की। परिजनों की सहमति और उपस्थिति में किए गए इस नेत्रदान से अब दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद है।
अशोक कुमार बाबेल के परिजन लक्ष्य, मनीष, सुशील, नीलेश एवं कमल बाबेल ने नेत्रदान के इस पुनीत कार्य में सहमति प्रदान की। उनके इस निर्णय से दिवंगत अशोक कुमार बाबेल की स्मृति को समाज सेवा से जोड़ने का प्रयास किया गया।
नेत्रदान की प्रक्रिया के दौरान महावीर इंटरनेशनल के कोषाध्यक्ष पारस पोखरणा एवं कृषि विशेषज्ञ अभय बोहरा उपस्थित रहे। महावीर इंटरनेशनल नेत्र चिकित्सालय की नेत्र सर्जन डॉ. कनिका तुलसानी के निर्देशन में वसीम खान एवं मनोज वैष्णव ने कॉर्निया उत्सर्जन की प्रक्रिया संपन्न की।
प्राप्त दोनों नेत्रों से अब दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को दृष्टि मिलने का अवसर मिलेगा। अशोक कुमार बाबेल का मरणोपरांत नेत्रदान उनके परिजनों के सेवा भाव और मानवता के प्रति समर्पण का उदाहरण बन गया है। उनके इस निर्णय से दिवंगत अशोक कुमार बाबेल की अमर विरासत समाज में प्रेरणा देती रहेगी।