तस्वीर में आकोला के बड़गांव बांध स्थल पर जल संसाधन विभाग के अधिकारी और जल उपभोक्ता संगम के सदस्य सिंचाई के पानी के वितरण और नहर संचालन की रूपरेखा तय करते हुए नजर आ रहे हैं।

आकोला। बड़गांव बांध से सिंचाई के पानी के वितरण को लेकर आयोजित बैठक में नहर संचालन का कार्यक्रम तय किया गया। निर्णय के अनुसार, 12 नवंबर 2026 को मुख्य नहर खोली जाएगी। काश्तकारों को सिंचाई के लिए तीन चरणों में पानी उपलब्ध कराया जाएगा। नहरों का संचालन बांध के निर्धारित जलस्तर के अनुसार किया जाएगा।

सिंचाई जल वितरण एवं नहर संचालन के तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रथम रेलनी के लिए 12 नवंबर 2026 को मुख्य नहर खोली जाएगी। यह नहर बांध का गेज 12 फीट होने तक संचालित रहेगी। इसके बाद नहर 15 दिन तक बंद रखी जाएगी। निर्धारित अंतराल पूरा होने के बाद दूसरी रेलनी के लिए नहर दोबारा खोली जाएगी, जो बांध का गेज 8 फीट रहने तक संचालित होगी। इसके पश्चात नहर को फिर 15 दिन के अंतराल तक बंद रखा जाएगा।

अंतिम रेलनी के लिए इसके बाद नहर खोली जाएगी। इसका संचालन बांध के पूर्ण सिंचाई स्तर (एफएसएल) तक किया जाएगा। इस तरह तीन चरणों में निर्धारित जलस्तर और समय अंतराल के अनुसार काश्तकारों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का कार्यक्रम तय किया गया है।

बैठक में जल वितरण को लेकर प्रशासन और जल उपभोक्ता संगम की ओर से किसानों के लिए स्पष्ट निर्देश भी दिए गए। सभी किसानों से पानी का मितव्ययतापूर्वक उपयोग करने को कहा गया। नहर में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव को लेकर भी नियम तय किए गए। केवल मावठ होने की स्थिति में जल उपभोक्ता संगम (डब्ल्यूयूए) के अध्यक्ष और सहायक अभियंता (एईएन) आपस में बैठक कर परिस्थितियों का परीक्षण कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त निर्धारित तिथियों और कार्यक्रम में कोई अन्य बदलाव नहीं किया जाएगा।

बैठक में जल संसाधन विभाग के संबंधित अधिकारियों, जल वितरण से जुड़े जल उपभोक्ता संगम के अध्यक्षों और सदस्यों के साथ कमांड क्षेत्र के सभी काश्तकारों का सहयोग रहा। सभी की सहमति से यह निर्णय लिया गया, ताकि क्षेत्र के किसानों को सुचारू और न्यायसंगत तरीके से सिंचाई का पानी मिल सके। इस दौरान आसपास के सभी किसान उपस्थित रहे।

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