बड़ीसादड़ी में गुरु पूर्णिमा पर जैन समाज की अनूठी आराधना, हजारों श्रद्धालुओं ने की तप-त्याग साधना

बड़ीसादड़ी में गुरु पूर्णिमा पर जैन समाज ने तप-त्याग और अखंड नवकार मंत्र जाप से गुरु के प्रति अनूठी आस्था व्यक्त की।

Update: 2026-07-30 10:35 GMT

तस्वीर में बड़ीसादड़ी के स्कूल कॉरिडोर में पीले और काले रंग की यूनिफॉर्म पहने चार छात्र वर्ल्ड पापुलेशन डे का पोस्टर पकड़े हुए खड़े हैं।

बड़ीसादड़ी में बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने गुरु के प्रति आस्था और समर्पण व्यक्त किया। इस अवसर पर जैन धर्मावलंबियों ने तप, त्याग और आराधना के माध्यम से अपने गुरु को विशेष भेंट अर्पित की।

नगर के समता भवन में बिराजित जैन आचार्य रामलाल मसा की आज्ञानुवर्ती विलक्षणा श्री जी मसा की प्रेरणा से आराधकों ने गुरु पूर्णिमा पर विशेष तपस्या की। इस दौरान 70 आराधकों ने तेले किए, वहीं 70 जनों ने तीन-तीन उपवास की साधना की। इसके अलावा 20 आराधकों ने एक-एक उपवास, 2 आराधकों ने आयम्बिल और 54 आराधकों ने एकासन की आराधना की।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 2010 श्रावक-श्राविकाओं ने सामायिक की साधना की, जबकि 16 महिलाओं ने पौषध कर एक दिन-रात के लिए घर परिवार और मोबाइल का त्याग किया। आराधकों ने इस तपस्या के माध्यम से अपने गुरु के प्रति अद्वितीय आस्था व्यक्त की।

इधर, नगर के जैन दिवाकर सामायिक भवन में वर्षावास कर रहे संथारा साधक धर्म मुनि महाराज की आज्ञानुवर्ती साध्वी अर्पण प्रज्ञा मसा की प्रेरणा से गुरु पूर्णिमा पर विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। यहां अखंड नवकार मंत्र का लगातार 24 घंटे तक जाप किया गया।

इसके साथ ही प्रत्येक श्रावक-श्राविका के घर पर क्रमवार एक-एक घर में पूरे वर्षावास अर्थात 120 दिन के लिए अखंड नवकार मंत्र जाप की शुरुआत करवाई गई। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने तप, त्याग और धार्मिक आराधना के माध्यम से अपने गुरुओं के प्रति श्रद्धा प्रकट की।

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