निकुंभ शिविर में बीमार बकरी की जांच और उपचार करते पशुपालन विभाग के कर्मचारी।

बड़ी सादड़ी। बड़ी सादड़ी उपखंड क्षेत्र में विकसित भारत जन सेवा अभियान के तहत शनिवार को गिरदावल मुख्यालय खरदेवला और निकुंम में शिविर आयोजित हुए। उपखंड अधिकारी प्रवीण कुमार मीणा के नेतृत्व में संचालित इन शिविरों में ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं और आवेदनों का हाथों हाथ निराकरण किया गया।

शिविरों में विकास अधिकारी लक्ष्मण लाल मीणा, नायब तहसीलदार सूर्य प्रकाश गाँछा, अतिरिक्त विकास अधिकारी खेमराज मीणा, सहायक अभियंता अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड अजय सिंह, खंड मुख्य शिक्षा अधिकारी जगदीश चंद्र धाकड़, भगवत सिंह शक्तावत, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी भावेश चंपावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

निकुंम गिरदावल मुख्यालय पर आयोजित शिविर में मगनी राम पूर्बिया अपनी बीमार बकरी की समस्या लेकर पहुंचे। डॉ. शुभम के निर्देशन में विभाग के कार्मिक सोना डांगा और धनराज मेघवाल मौके पर पहुंचे तथा डायरिया से पीड़ित बकरी को दवा दी।

इसी शिविर में निकुंम निवासी बगदी राम कुम्हार अपने घरेलू कनेक्शन का आवेदन लेकर पहुंचे। अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के सहायक अभियंता अजय सिंह के निर्देशन में टीम ने पूरी कार्यवाही करते हुए हाथों हाथ नवीन कनेक्शन जारी कर मीटर लगा दिया। नवीन कनेक्शन मिलने पर बगदी राम की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

गिरदावल मुख्यालय खरदेवला पर आयोजित शिविर में राजस्व विभाग को नाम शुद्धिकरण के 12 आवेदन प्राप्त हुए। गिरदावल हीरा लाल टेलर ने आवेदन स्वीकार किए, जबकि पटवारी निशा यादव और मनोज कुमार ने हाथों हाथ रिपोर्ट तैयार कर तहसीलदार को प्रस्तुत की।

नाम शुद्धिकरण के आवेदनों में किशन लाल की बजाय किशन, कालू की बजाय कालूराम, राम लाल की बजाय रामेश्वर, सुरेश के बजाय सुरेश गिरी, उदा की बजाय उदय लाल, मांगिया की बजाय मांगी लाल, रामा के बजाय राम लाल, सव लाल के बजाय शिव लाल, बापुड़ा के बजाय बाबु, मांग्या के बजाय मांगी लाल, महेंद्र सिंह के बजाय महेन्द्र सिंह और विष्णु कुंवर पुत्री के बजाय विष्णु कुंवर पत्नी नेपाल किया जाने का आवेदन स्वीकार कर उच्च अधिकारी को प्रेषित किया गया।

शिविर में पालनहार योजना के कल तक 175 प्रकरण बकाया थे, जिनमें से आज 15 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। शेष 160 प्रकरण ऐसे हैं, जिनमें जुड़े मोबाइल नंबरों की इनकमिंग बंद अथवा मोबाइल नंबर बंद कर दिए गए हैं। इस समस्या के कारण कर्मचारी भारी समस्या का सामना कर रहे हैं। उच्च स्तर पर इस प्रकार की समस्या के निदान के लिए यदि नवीन मोबाइल नंबर जोड़ने का विकल्प खुलता है तो 100 प्रतिशत पालनहार के लाभार्थियों को लाभ मिल सकेगा।

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