बड़ीसादड़ी: ट्रैक्टर चोरी मामले में साल भर से फरार आरोपी गिरफ्तार
चित्तौड़गढ़ पुलिस ने रतलाम से वांछित अभियुक्त करण वसुनिया को पकड़ा, मामले में दो अन्य आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार।
बड़ीसादड़ी। पुलिस थाना बड़ीसादड़ी ने ट्रैक्टर चोरी के मामले में एक वर्ष से फरार चल रहे वांछित अभियुक्त करण पिता पूनमचन्द वसुनिया (भील) निवासी खाखरापाड़ा, पुलिस थाना शिवगढ़, जिला रतलाम (एमपी) को गिरफ्तार किया है। आरोपी की तलाश शिवगढ़, मंदसौर एवं रतलाम में की गई, जिसके बाद पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार किया।
मामले में प्रार्थी रघुवीर सिंह पिता किरेन्द्र सिंह राणावत निवासी खांखरिया जी का खेड़ा ने दिनांक 07.06.2025 को रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसका ट्रैक्टर स्वराज नंबर आरजे 09 आरई 1621 पामेचा पम्प, भौपतपुरा में भाटिया शोरूम के पास हमेशा की तरह चालक देव नारायण निवासी सोमपुर ने खड़ा किया था। इसके बाद चालक ने फोन कर बताया कि जिस स्थान पर उसने शाम को ट्रैक्टर खड़ा किया था, वहां ट्रैक्टर नहीं मिला। रात में कोई अज्ञात व्यक्ति ट्रैक्टर चोरी कर ले गया।
रिपोर्ट पर पुलिस थाना बड़ीसादड़ी में प्रकरण संख्या 160/2025 धारा 303(2), 3(5) बीएनएस में दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
पुलिस अधीक्षक चित्तौड़गढ़ धर्मेन्द्र सिंह यादव आई.पी.एस. के आदेशानुसार चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) गजेन्द्र सिंह आर.पी.एस. के निर्देशन तथा पुलिस उप अधीक्षक वृत बड़ीसादड़ी हरिश्चन्द्र सिंह आर.पी.एस. के सुपरविजन में थानाधिकारी बड़ीसादड़ी भगवानलाल पु.नि. के नेतृत्व में हरिराम ए.एस.आई. मय जाप्ता की टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने प्रकरण में वांछित अभियुक्त की तलाश शिवगढ़, मंदसौर एवं रतलाम में की। इस दौरान वांछित अभियुक्त करण पिता पूनमचन्द वसुनिया (भील) निवासी खाखरापाड़ा, पुलिस थाना शिवगढ़, जिला रतलाम (एमपी) को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, उक्त प्रकरण में पूर्व में अभियुक्तगण पप्पू झोडिया और सुनिल गोदा को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके कब्जे से चोरी किया गया माल मसरूका ट्रैक्टर मय ट्राली बरामद कर बाद अनुसंधान जे.सी. करवाया गया।
गिरफ्तारशुदा अभियुक्त करण से चोरी के दीगर प्रकरणों के संबंध में पूछताछ जारी है। कार्रवाई में पुलिस थाना बड़ीसादड़ी की टीम में भगवानलाल पु.नि. थानाधिकारी पुलिस थाना बड़ीसादड़ी, हरिराम स.उ.नि., दिनेश कुमार कानि., बाबूलाल कानि., रामप्रसाद कानि. और सुनिल कुमार कानि. शामिल रहे।