बड़ी सादड़ी के निकुंभ में गवरी नृत्य आयोजित, चंदा माता मंदिर में उमड़ी भीड़
मेवाड़ की लोक परंपरा के तहत आयोजित गवरी नृत्य में ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना कर मौसमी बीमारियों और प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा की प्रार्थना की।
तस्वीर में निकुंभ के चंदा माता मंदिर परिसर में गवरी नृत्य की प्रस्तुति देखते लोग।
बड़ी सादड़ी। निकुंभ कस्बे में पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध चंदा माता मंदिर में ग्रामवासियों की ओर से गवरी नृत्य का आयोजन किया गया। मेवाड़ की प्रसिद्ध लोक परंपरा से जुड़े इस पावन नृत्य के आयोजन को लेकर सुबह से ही मंदिर परिसर में महिला-पुरुष दर्शकों की भीड़ जुटी रही। युवा वर्ग में भी आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः चंदा माता मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद लोक कलाकारों ने गवरी नृत्य से संबंधित लोक कहानी और उसके विभिन्न पात्रों का माता रानी के मंदिर के समक्ष जीवंत मंचन किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और मंदिर परिसर में लोक संस्कृति का रंग देखने को मिला।
ग्रामीण लोक परंपरा में गवरी नृत्य के इस आयोजन को देवी कृपा के साथ-साथ शिव-शक्ति की आराधना, सामुदायिक एकता, श्रद्धा और लोक संस्कृति के संरक्षण से जोड़कर देखा जाता है। ग्रामवासियों के अनुसार, जहां-जहां गवरी लोक नृत्य का आयोजन होता है, मान्यता है कि उस क्षेत्र विशेष में देवी कृपा से मौसमी बीमारियों एवं प्राकृतिक आपदाओं से मानव सहित पशु-पक्षियों का संरक्षण होता है।
चंदा माता मंदिर परिसर में आयोजित इस गवरी नृत्य ने ग्रामीणों की आस्था और मेवाड़ की लोक परंपरा के बीच जुड़ाव को सामने रखा। आयोजन में महिला-पुरुषों के साथ युवा वर्ग की सहभागिता ने लोक संस्कृति के प्रति ग्रामीणों के उत्साह को भी प्रदर्शित किया।