शिव पुराण श्रवण से सुधरता है लोक-परलोक, संत दिग्विजयराम ने बताए भक्ति के मार्ग

बड़ी सादड़ी रामद्वारा में शिव पुराण कथा के दूसरे दिन संत दिग्विजयराम ने भक्ति, गुरु कृपा और लोक-परलोक सुधार का महत्व बताया।

Update: 2026-07-30 10:20 GMT

तस्वीर में संत दिग्विजयराम बड़ी सादड़ी के रामद्वारा में शिव पुराण कथा के दौरान माइक पर प्रवचन देते हुए नजर आ रहे हैं।

बड़ी सादड़ी में रामद्वारा में चल रही शिव पुराण कथा के दूसरे दिन संत दिग्विजयराम ने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और गुरु कृपा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि शिव पुराण की सात संहिताओं का जो व्यक्ति चितपूर्वक श्रवण करता है, वह शिवलोक का अधिकारी बन जाता है। जहां शिव पुराण की कथा होती है, वह भूमि भी धन्य हो जाती है।

रामद्वारा में चातुर्मासिक सत्संग के तहत शिव पुराण कथा का वाचन करते हुए संत दिग्विजयराम ने कहा कि मंदिर जाने मात्र से अशांत मन शांत हो जाता है। शिव पुराण कथा के श्रवण मात्र से एक हजार अश्वमेघ यज्ञ का फल प्राप्त होता है। जो व्यक्ति निर्मल मन से इस कथा का श्रवण करता है, उसे धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

संत दिग्विजयराम ने कहा कि भक्ति के लिए नियमों का पालन आवश्यक है। नियम से लोक और परलोक दोनों सुधर जाते हैं। साधना और भक्ति के लिए दृढ़ निश्चय एवं नियम जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति शिव पुराण का आश्रय लेता है, उस पर भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। पापी, दुराचारी और अत्याचारी व्यक्ति का भी शिव पुराण कथा के श्रवण से कल्याण हो जाता है। संत ने कहा कि किसी भी ग्रंथ को सुनने से पहले उसका महात्म्य जानना आवश्यक है।




 




कथा के दौरान संत दिग्विजयराम ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु कृपा चार प्रकार की होती है। गुरु की दृष्टि मात्र से परमात्मा की कृपा प्राप्त हो जाती है। महापुरुषों की वाणी सुनना भी बहुत बड़ी कृपा है। उन्होंने कहा कि संतों का कल्याण हो जाता है, लेकिन संत लोक कल्याण के उद्देश्य से सत्संग करते हैं, ताकि जनमानस का भी कल्याण हो सके।

उन्होंने बताया कि गुरु कृपा में पहली दृष्टि कृपा, दूसरी शब्द कृपा, तीसरी स्पर्श कृपा और चौथी स्मरण कृपा शामिल है। गुरु के आशीर्वाद से व्यक्ति का कल्याण हो जाता है। गुरु के बिना जीवन में विवेक की प्राप्ति नहीं हो सकती, इसलिए जीवन में गुरु का होना अत्यंत आवश्यक है।

रामकथा का आयोजन 22 दिसंबर से

कथा विराम के बाद संत दिग्विजयराम ने बताया कि 22 से 30 दिसंबर तक इनाणी सीटी सेंटर पर श्रीराम कथा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं को कथा में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया। श्रीराम कथा का आयोजन मुम्बई के अशोक व ललित काबरा परिवार की ओर से करवाया जा रहा है।

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