राजुरा में 25 साल बाद निकली शोभायात्रा, युवाओं को मिला फिटनेस का संदेश
दशहरे पर आयोजित इस अनूठी पहल का उद्देश्य युवाओं को पारंपरिक व्यायाम और नशामुक्त जीवनशैली से जोड़ना रहा है।
राजुरा में 25 साल बाद भारत सुरक्षा व्यायामशाला द्वारा शोभायात्रा निकाली गई.
राजुरा में धोपटाला कॉलोनी-रामपुर स्थित भारत सुरक्षा व्यायामशाला की ओर से दशहरे के पावन अवसर पर 25 साल के लंबे अंतराल के बाद भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस आयोजन के जरिए युवाओं को भारतीय पारंपरिक व्यायाम संस्कृति से जोड़ने, नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने और स्वस्थ जीवनशैली का महत्व समझाने का संदेश दिया गया। उत्साहपूर्ण माहौल में निकली शोभायात्रा से पूरे क्षेत्र में चहल-पहल देखने को मिली।
आज के दौर में युवाओं को व्यायाम, खेल और स्वास्थ्यवर्धक दिनचर्या की ओर प्रेरित करने की आवश्यकता को देखते हुए भारत सुरक्षा व्यायामशाला की यह पहल महत्वपूर्ण रही। नियमित व्यायाम को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने, नशे से दूर रहकर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने तथा पारंपरिक व्यायामशालाओं की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस शोभायात्रा का आयोजन किया गया। 25 साल बाद आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से पुरानी व्यायामशाला संस्कृति को फिर से जीवंत करने का प्रयास किया गया।
शोभायात्रा का आयोजन श्रीनिवास गोस्की और हृदय चिंत्ताला ने किया। व्यायामशाला के अध्यक्ष कुमार राऊला, सचिव सारय्या ईलांदुला और कार्याध्यक्ष सतीश पत्ती के नेतृत्व में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इस आयोजन को सफल बनाने में व्यायामशाला के सदस्य कृष्णा कुंबाला, रवि बत्तुला, सुरेश बब्लीवार, श्रीकांत गोस्की, रायपोचम नल्लाला, देवेंद्र कुल्लुरी, संतोष चिंत्ताला, रायपोचम पंजा, श्रीधर ईलांदुला, हार्दिक चित्ताला, मनोज बंडी, व्यंकटेश नलके, रवि कार्रवुला, कुमार ईरेल्ली, राजू गड्डम, नागार्जुन गुंटी, राजू काटम, गोपाल राऊला, पुरुषोत्तम जंजर्ला और सुमन जिल्लला ने योगदान दिया।
पारंपरिक व्यायाम संस्कृति का संरक्षण, युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और नशामुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देना इस पहल के प्रमुख उद्देश्य रहे। दशहरे पर आयोजित इस शोभायात्रा ने व्यायाम, अनुशासन और स्वस्थ जीवन के महत्व को सामने रखते हुए पारंपरिक व्यायामशाला संस्कृति के पुनरुद्धार की दिशा में प्रयास किया।