चंद्रपुर में महिला बचत समूह की प्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपती हुईं।   

चंद्रपुर जिले के बाखर्डी गांव में राशन दुकान के संचालन की जिम्मेदारी महिला बचत समूह को सौंपने की मांग तेज हो गई है। गांव के 28 महिला बचत समूहों ने एकजुट होकर तहसीलदार पल्लवी आखरे को ज्ञापन सौंपा और महिलाओं को राशन दुकान चलाने का अवसर देने की मांग की। महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के साथ सार्वजनिक वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, नियमित और सुचारु बनाने के उद्देश्य से यह मांग उठाई गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में महिला बचत समूह अब केवल बचत और ऋण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विभिन्न सरकारी और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। ऐसे में राशन दुकान के संचालन का अवसर मिलने से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार का साधन उपलब्ध हो सकता है। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधियों ने अपेक्षा जताई कि बचत समूह के माध्यम से राशन लाभार्थियों से सीधा संपर्क बना रहेगा, जिससे अनाज वितरण की योजना और व्यवस्था अधिक प्रभावी ढंग से संचालित की जा सकेगी।

ज्ञापन में मांग की गई कि राशन दुकान के संचालन के लिए शासन के नियमानुसार पात्रता और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद महिला बचत समूह को अवसर दिया जाए। प्रतिनिधियों ने प्रशासन से इस मांग पर विचार कर उचित कार्रवाई करने की अपेक्षा भी व्यक्त की।

इस अवसर पर सरपंच अरुण रागीट, भाजपा के चंद्रपुर जिला महामंत्री विवेक बोढे, युवा मोर्चा महामंत्री आशिष ताजणे, निमणी के सरपंच अतुल धोटे, अशोक झाडे सहित 28 महिला बचत समूहों की प्रतिनिधियां उपस्थित थीं।

सरपंच अरुण रागीट ने कहा, “बाखर्डी के 28 महिला बचत समूहों ने एकजुट होकर राशन दुकान की जिम्मेदारी सौंपने की मांग की है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दृष्टि से यह मांग महत्वपूर्ण है। शासन के नियमानुसार प्रशासन को इस ज्ञापन पर संज्ञान लेकर उचित निर्णय लेना चाहिए।”

बाखर्डी के 28 महिला बचत समूहों के एक साथ ज्ञापन सौंपने से राशन दुकान के संचालन में महिलाओं की भागीदारी का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है। अब तहसील प्रशासन इस मांग पर क्या कार्रवाई करता है और महिला बचत समूह को राशन दुकान संचालन का अवसर मिलता है या नहीं, इस पर गांव के लोगों की नजरें टिकी हैं।

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