यह तस्वीर काल्पनिक है और एआई द्वारा केवल संदर्भ के लिए बनाई गई है। तस्वीर में भारत सरकार के वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन, संसद भवन की पृष्ठभूमि और पांच प्रमुख मांगों के बैनर दिखाई दे रहे हैं।   

भीलवाड़ा, 24 सितम्बर 2026। अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब (IMCC INDIA) ने व्यापारियों की समस्याओं को लेकर भारत सरकार के वित्त मंत्री के नाम पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भेजा है। संस्था ने व्यापारी सम्मान कानून बनाने, वन नेशन वन लाइसेंस पद्धति लागू करने, यूपीआई लेन-देन पर अंधाधुंध नोटिस बंद करने सहित व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं में बदलाव की मांग की है।

IMCC INDIA के पदाधिकारियों ने कहा कि माहेश्वरी समाज मूलतः वणिक समाज है और आज पूरे देश का व्यापारी त्रस्त है। संस्था के अनुसार नगर निगम से लेकर जीएसटी, आयकर, खाद्य, श्रम, नापतोल, पुलिस, एनसीबी, रिमूवल गैंग, चंदा वसूली और अब यूपीआई तक, हर स्तर पर व्यापारी परेशान है। संस्था ने कहा कि अब तो स्थिति यह बन गई है कि आतंकवादी घोषित कर आर्मी पीछे लगा दो।

क्लब की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती अनिता डॉ अशोक सोडाणी एवं राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती डाॅ सुमन सुरेश सोनी के नेतृत्व में वित्त मंत्री भारत सरकार को भेजे गए ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें व्यापारी सम्मान कानून बनाने की मांग प्रमुख है। संस्था ने कहा कि व्यापारी को चोर नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाए।

ज्ञापन में यूपीआई लेन-देन पर अंधाधुंध नोटिस बंद करने और व्यक्तिगत लेन-देन तथा व्यावसायिक लेन-देन के बीच अंतर स्पष्ट करने की मांग भी की गई है। इसके साथ ही 14 अलग-अलग विभागों की जगह सिंगल विंडो निरीक्षण प्रणाली लागू करने, जीएसटी का सरलीकरण करने तथा छोटे व्यापारियों के लिए कंपोजिशन लिमिट बढ़ाने की मांग रखी गई है।

संस्था ने वन नेशन वन लाइसेंस पद्धति लागू करने की मांग भी की है। IMCC INDIA के अनुसार इन मांगों के माध्यम से व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं को सरल बनाने और उन्हें सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित किया गया है।

अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब द्वारा वैचारिक क्रांति अभियान ‘चर्चा चाय पर’ के तहत नियमित रूप से समाज और देश की समस्याओं को संबंधित विभागों एवं प्रबुद्ध जनों तक मीडिया के माध्यम से पहुंचाया जाता है। इसी क्रम में 24 सितम्बर 2026 को वित्त मंत्री के नाम यह ज्ञापन जारी किया गया।

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