तस्वीर में भीलवाड़ा के कोतवाली थाने के बाहर ज्ञापन सौंपने के बाद खड़े पार्षद बनवारी लाल जोशी और स्थानीय लोगों का प्रतिनिधिमंडल।

भीलवाड़ा में नगर निगम चुनाव के बाद वार्ड नंबर 43 से जुड़े एक विवादित प्रकरण को लेकर पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच खींचतान बढ़ गई है। भारतीय जनता पार्टी के नव-निर्वाचित पार्षद बनवारी लाल जोशी के नेतृत्व में पार्षदों, स्थानीय निवासियों और कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने कोतवाली थाने पहुंचकर पुलिस प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दर्ज एफआईआर में निर्दोष लोगों के नाम झूठे तरीके से शामिल किए जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

कोतवाली के बाहर मीडियाकर्मियों से बातचीत में पार्षद बनवारी लाल जोशी ने बताया कि हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम चुनाव में भाजपा ने उन्हें वार्ड नंबर 43 से प्रत्याशी बनाया था। विपक्ष में कैलाश शर्मा की पत्नी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में थीं। जोशी के अनुसार चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, लेकिन नतीजों के बाद राजनीतिक रंजिश के तहत कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

बनवारी लाल जोशी ने कहा कि 9 तारीख से 22 तारीख तक वे पार्टी के आधिकारिक कार्यक्रमों के सिलसिले में शहर से बाहर थे। इसी दौरान वार्ड में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम हुआ, जिसे लेकर कोतवाली थाने में मुकदमा नंबर 280/26 दर्ज किया गया। जोशी का आरोप है कि इस मुकदमे में रंजिशवश अरिहंत खंडेलवाल, सुरेश शर्मा, मनीष दाधीच, महावीर वैष्णव, लखन शर्मा सहित कई ऐसे कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के नाम लिखवा दिए गए, जो घटना के समय मौके पर मौजूद ही नहीं थे।

बनवारी लाल जोशी और प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन तथा उच्च अधिकारियों से मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि निष्पक्ष जांच में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त कड़ी कार्रवाई की जाए। वहीं, जो लोग पूरी तरह निर्दोष हैं और घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे, जांच प्रक्रिया के बाद एफआईआर से उनके नाम तुरंत प्रभाव से हटाए जाएं।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने बिना किसी साक्ष्य के निर्दोष कार्यकर्ताओं के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की या उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाया, तो जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी। फिलहाल पुलिस अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

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